बलरामपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिले में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने विकासखंड शंकरगढ़ अंतर्गत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकासखंड शंकरगढ़ के करमी उरांव टोली स्थित पार्वती स्व-सहायता समूह की सदस्या श्रीमती पूनम केरकेट्टा द्वारा की जा रही आजीविका गतिविधियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की।
श्रीमती पूनम केरकेट्टा ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से 70 हजार रुपए का ऋण प्राप्त कर कृषि और पशुपालन आधारित बहुआयामी आजीविका कर रही है। प्राप्त ऋण राशि से उन्होंने मौसमी सब्जियों की फसल लगाई है। साथ ही डबरी में मछली पालन एवं सूअर पालन जैसी अतिरिक्त आजीविका गतिविधियों को भी अपनाया है, जिससे उन्हें निरंतर अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पूनम केरकेट्टा को कृषि विभाग एवं क्रेडा के अभिसरण से सोलर पंप का लाभ भी प्राप्त हुआ है, जिसके माध्यम से वे अपने खेतों में सिंचाई कार्य सुचारू रूप से संचालित कर रही हैं। सौर सिंचाई सुविधा से उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है और लागत में कमी आई है।
कृषि, मत्स्य पालन एवं पशुपालन जैसी विविध गतिविधियों के समन्वित प्रयासों से पूनम दीदी आज लखपति के रूप में उभरी हैं और क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। उनके कार्यों एवं उपलब्धियों का निरीक्षण करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने पूनम दीदी को कृषक उत्पादक कंपनी से जुड़कर अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने एवं अधिक संगठित तरीके से बाजार तक पहुंच बनाने संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया।

कृषक उत्पादक कंपनी के कार्यों का लिया जायजा

जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तोमर ने नई राह कृषक उत्पादक कंपनी का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने उत्पादक समूह के माध्यम से कृषकों से उत्पाद क्रय करने, उनके उचित मूल्य सुनिश्चित करने तथा खरीद ,बिक्री एवं आय-व्यय के सम्बन्ध में संपूर्ण दस्तावेज़ीकरण कार्य को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कृषक उत्पादक कंपनी के माध्यम से अधिक से अधिक किसान एवं समूहों को जोड़ने तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अभिसरण से ग्रामीण आजीविका संवर्धन के प्रयासों को और सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं कृषक उत्पादक कंपनियों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने जिले के अन्य स्व-सहायता समूहों की दीदियों से भी अपील की कि वे पूनम केरकेट्टा जैसी सफल दीदियों से प्रेरणा लेकर बहुआयामी आजीविका अपनाएं और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर अपनी आमदनी में वृद्धि करें।

Categorized in: