बिलासपुर । जंगल में फंदे बिछाकर वन्य प्राणियों के शिकार की घटना बढ़ रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग के द्वारा अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान गांव-गांव जाकर वन अमला समझाइश देगा। साथ ही चेतावनी भी देंगे। ग्रामीणों को बताएंगे कि इस तरह के अपराध पर किस तरह की कार्रवाई का प्राविधान है।

यह अभियान बिलासपुर वनमंडल के अंतर्गत आने वाले गांवों में चलाया जाएगा। कुछ महीने पहले जंगली सूअर की घटना करेंट बिछाकर की गई। वहीं हालही में तेंदुआ शिकारियों के फंदे में फंसकर घायल हो गया। जिसे बिनौरी गांव से पकड़कर उपचार के लिए कानन पेंडारी जू लाया गया था। लेकिन, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इन दो घटनाओं से विभाग की चिंता बढ़ गई। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि जंगल में शिकारी सक्रिय है। चोरी- छिपे बेजुबानों को अपना निशाना बना रहे हैं। पकड़े जाने पर विभाग शिकारियों पर कार्रवाई भी करता है। लेकिन, कई बार अपराधी पहचान नहीं होने की स्थिति में बच जाते हैं। विभाग की मंशा है कि इस तरह की अपराधिक घटनाएं जंगल के अंदर हो ही नहीं।

यदि हो तो ग्रामीण उनकी पहचान कर विभाग को सूचित करें। यह तभी संभव है जब ग्रामीणों में इसको लेकर जागरूकता आएगी। इसलिए अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को समझाइश दी जाएगी। साथ ही चेतावनी भी देकर बताया जाएगा। इस संबंध में डीएफओ कुमार निशांत ने वन परिक्षेत्र अधिकारियों की बैठक भी ली। जिसमें संबंधित रेंज के वन कर्मचारी भी मौजूद थे। सभी को अभियान चलाने के साथ प्रतिदिन रिपोर्ट भी देने का निर्देश दिया गया है।

बिजली कर्मचारी भी रहेंगे साथ

अभियान के दौरान बिजली वितरण कंपनी का मैदानी अमला भी साथ रहेगा। इस दौरान जंगल के अंदर या आसपास जिन भी जगहों पर बिजली के तार लटकते मिलेंगे, उसे व्यवस्थित करने के लिए कहा जाएगा।

डीएफओ ने कहां कि बिजली कंपनी के मैदानी अमले के द्वारा यदि सहयोग नहीं किया जाता है या फिर उन्हें कोई दिक्कत आती है तो इसकी जानकारी सीधे उन्हें देंगे। इसके बाद डीएफओ कंपनी के संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर खतर बने बिजली तार को व्यवस्थित कराने की चर्चा करेंगे।

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