अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। चिंतामणि महराज ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कोरवा समाज द्वारा मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के जन्मदिवस के अवसर पर विकास खंड कुसमी के ग्राम पंचायत सबाग के पारा सुरलुंगडीह अखइनकोना में उपहार के रूप में प्राप्त तीर – घनुस कमान गुरुवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पहुचकर उन्हें भेंट कर दिया हैं।

इनकी कद-काठी सामान्य हैं लेकिन आंखें इतनी तेज कि मछली की आंख भेदने का माद्दा रखती है।

ज्ञात हो कि घने जंगल के बीच झोपड़ी में रहने वाले पहाड़ी कोरवा समाज को मुख्यधारा से जोड़ने तथा मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर कुसमी मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर पहुचकर सामरी विधानसभा के विधायक व संसदीय सचिव चिंतामणि महराज 23 अगस्त को यहाँ के पहाड़ी कोरवाओं तथा ग्रामीणों के साथ ऐतिहासिक जश्न मनाया था. जिससे खुश होकर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कोरवा समाज के लोंगों ने छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री बुपेश बघेल को जन्मदिन के शुभ अवसर पर बचपन से ही हाथों में लेकर घूमने वाले अपनी पहचान तीर-धनुष की कमान अपने विधायक चिंतामणि को सौंपकर मुख्यमंत्री तक पहुचाने की अपील की थीं। पहाड़ी कोरवाओं के जनभावना का ख्याल करते हुवे चिंतामणि महराज ने उक्त तीर – धनुष मुख्यमंत्री निवास रायपुर में पहुचकर भुपेश बघेल के हाथों में सौंप दिया हैं. इसके अलावा सुदूर स्थल में पहाडी कोरवाओं के साथ केक काटकर खिलाते हुवे तस्वीर की फ्रेमिंग भी मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को भेंट की हैं।

चिंतामणि महराज के अनुसार कई सालों से बसे प्रयास के बाद अब कोरवा समुदाय मुख्य धारा की ओर लौटने लगे हैं। बचपन से ही हाथों में तीर-धनुष लेकर घूमने वाले यह पहाड़ी कोरवा का सम्मान मेरे द्वारा सदैव किया जाता रहा हैं आगे भी मैं इनके सम्मान के लिए अग्रेसित रहूँगा. तथा हर परेशानियों को दूर करने मैं निरंतर प्रयासरत रहूँगा. कोरवा समाज द्वारा कई मांग मुझसे रखी गई हैं. जिनके मांग को पूरा करने मैं प्रयासरत हूँ। आगे चिंतामणि महाराज ने कहा तीर-घनुस उपहार प्राप्त होने के बाद मुख्यमंत्री भुपेश बघेल पहाड़ी कोरवा समाज को धन्यवाद ज्ञापित किया हैं।

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