जनाक्रोश को देखकर सिंचाई विभाग के अफसर भागे, अगले दिन निकाला गया शव
रामानुजगंज। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत नावाडीह में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की संवेदनहीनता और लापरवाही से 55 वर्षीय बुजुर्ग राजकुमार मरावी की डूबने से मौत हो गई। राजकुमार डैम में जारी लीकेज को ठीक कराने के नाम पर इंजीनियर और चौकीदार ने बुजुर्ग को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के लगभग 20 फीट गहरे लबालब पानी से भरे तालाब में उतार दिया। घटना के बाद ग्रामीणों के बढ़ते जनाक्रोश को देखकर सिंचाई विभाग के अफसर मौके से भाग निकले और थाने में जाकर छिप गए।
जानकारी के मुताबिक, पिछले एक महीने से त्रिकुंडा जलाशय से लगातार पानी का रिसाव हो रहा था। इसे ठीक कराने के लिए सिंचाई विभाग के एसडीओ आशीष जगत, इंजीनियर निकेश पैकरा, स्थल सहायक अनिल कुमार गुप्ता, चौकीदार अहमद अली मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के बाद गांव के ही राजकुमार मरावी को बुलाया गया। बुजुर्ग के मना करने पर दोबारा ग्रामीण भेजकर उन्हें जबरदस्ती बुलाया गया और बिना किसी सुरक्षा किट या लाइफ जैकेट के गहरे पानी में उतार दिया। लगभग आधे घंटे तक जब राजकुमार बाहर नहीं आया तो लकड़ी डालकर देखा गया। इसके बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए एक 15 साल के मासूम बच्चे के कमर में रस्सी बांधकर उसे गहरे पानी में उतार दिया। गनीमत रही कि बच्चा सुरक्षित बाहर निकल आया, वरना एक और बड़ा हादसा हो जाता। हादसा दोपहर लगभग 1 बजे हुआ, लेकिन किसी भी ग्रामीण या स्वजन को जानकारी देने की जगह चुपचाप भागकर थाने में छिपना जिम्मेदारों ने बेहतर समझा।
ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। दोपहर 3 बजे तक टीम को पत्थर और वॉटर आउटलेट होल के बीच फंसा शव दिख गया था। इसके बावजूद शाम 7 बजे तक तेज बहाव का हवाला देकर शव को नहीं निकाला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि, टीम ने जनाक्रोश के डर से काम टाल दिया और रात हो जाने का बहाना बनाकर अगले दिन निकालने की बात कहते हुए लौट गई। जलाशय के पास शाम 7.30 बजे तक ग्रामीणों की भीड़ जमा रही और इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ था।
दोषियों पर अपराध दर्ज करने की मांग
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के सभी दोषी अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। दूसरे दिन यानी बुधवार को शव निकाल कर आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
5000 देने का लालच, फिर लौट के नहीं आए
मृतक राजकुमार मरावी की बहू देवंती मरावी का कहना हैं कि उनके ससुर दोपहर में खाना खा रहे थे, तभी एक लड़का बांध बनाने के लिए उन्हें बुलाने आया। ससुर ने जाने से मना कर दिया। सिंचाई विभाग के अफसर फिर से दूसरे लोगों को भेजे और कहा कि 500 रुपये देंगे। ससुर बोले कि उनका शरीर ठीक से नहीं चल रहा है, इतने में वो 1000 रुपये देंगे बोले, फिर बोले कि राजकुमार को उठाकर ले आओ उसको बांध बनाने के बदले 5000 रुपये देंगे। मेरे ससुर नहीं जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पैसे का लालच देकर जबरदस्ती ले गए। इसके बाद नहीं पता कि कैसे वे बांध में डूब गए।
