रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- एक ओर जहां कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में गांव गांव में मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के तहत काम कराए जा रहे हैं वही रामचन्द्रपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत चूना पाथर में करीब आधा दर्जन से अधिक डबरी का निर्माण मशीन से कराए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाते हुए जनपद सीईओ से शिकायत की थी परंतु कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में कलेक्टर को भी अवगत कराया। मनरेगा का कार्य मजदूरों से न करा कर मशीन से कराए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने जेसीबी से कार्य कराए जाने का वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि हितग्राही देवनाथ यादव पिता कोलेश्वर यादव, सत्यनारायण पिता देवनाथ तुलसी यादव पिता बोगल यादव, राम चरित्र यादव पिता भोला यादव तुलसी यादव पिता भोगल यादव सहित अन्य हितग्राहियों का का डबरी मजदूरों से न करा कर जेसीबी एवं ट्रैक्टर से कराया गया है ग्रामीण मनोज गुप्ता ने बताया कि यदि इसकी जांच तत्काल की जाती है तो मशीन से कार्य कराया जाना प्रमाणित हो जाएगा। ग्रामीणों के द्वारा मशीन से मनरेगा का कार्य कराए जाने की शिकायत पहले जनपद सीईओ से की थी परंतु कोई जांच न कोई कार्यवाही होने की स्थिति में कलेक्टर को भी अवगत कराया है एवं जांच की मांग की है। ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच पंच सहित ग्रामीणों ने इसकी जांच की मांग की है।

कोटा एवं अंबिकापुर पढ़ने वाले छात्र का भी नाम है मनरेगा मजदूर में……… मनरेगा के कार्य में ग्राम चुना पाथर में किस प्रकार से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मनरेगा में मजदूरों की सूची है जिसमें कोटा राजस्थान में पढ़ने वाले छात्र का नाम है तो वही अंबिकापुर में भी कॉलेज में अध्ययनरत छात्र का नाम मनरेगा मजदूर की सूची में है वही शिक्षक के पत्नी एवं पुत्र का नाम भी मनरेगा मजदूर में सम्मिलित है। यहां तक कि जेसीबी मालिक का भी नाम मनरेगा मजदूर में है।

कार्य कहीं, स्वीकृत कहीं……… ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ओर मनरेगा का कार्य मजदूर के जगह मशीन से तो करवाया ही जा रहा है वहीं स्वीकृत कहीं का कार्य कहीं पर कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जहां स्वीकृत हुआ था वहां मनरेगा का कार्य न कराकर दूसरी जगह कराया गया था। उस समय कार्यवाही अधिकारियों के द्वारा नहीं की गई इस कारण आज भी वैसा ही कराया जा रहा है।

इस संबंध में जिला पंचायत के सभापति रामचरित्र सोनवानी ने कहा कि मनरेगा का कार्य मजदूर से न कराकर करा कर मशीन से कराया जाना दुर्भाग्यजनक है एक ओर जहां लॉकडाउन में आय के सभी साधन बंद है वैसे में मनरेगा का कार्य मजदूरों के लिए बड़ा सहारा बन सकता है परंतु इस कार्य में भी धांधली बरती जा रही है। श्री सोनवानी ने चूना पाथर में मनरेगा के तहत हुए एवं हो रहे कार्यों की जांच की मांग की है।

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