सोमवार को आरक्षक सहित ३ मरीजों ने जीती कोरोना से जंग
अंबिकापुर। कोविड अस्पताल में भर्ती ३ और मरीजों ने कोरोना से जंग जीत ली है। इन सभी को स्वस्थ होने के बाद सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इन्हें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने ताली बजाकर घर के लिए रवाना किया। डिस्चार्ज मरीजों में १ सूरजपुर व २ कोरिया जिले के हैं। डिस्चार्ज मरीजों में एक आरक्षक भी शामिल है, जो ए स से स्वस्थ होकर लौटने के बाद दोबारा पीडि़त हो गया था। इससे पूर्व मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल से २० मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अभी भी कोविड अस्पताल में ७० मरीजों का इलाज जारी है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती सूरजपुर के १ व कोरिया के २ मरीजों ने कोरोना से जंग जीत लिया। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट आने पर चिकित्सकों ने सोमवार की शाम को तीनों मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष ७० मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। अब तक मेडिकल कॉलेज के कोविड-१९ अस्पताल में ९३ मरीजों को भर्ती कराया जा चुका है। इसमें २० मरीज पूर्व में स्वास्थ्य हो कर घर जा चुके हैं। कुल अब तक २३ कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं।
मरीजों ने कहा नहीं हुई परेशानी
कोरोना से जंग जीतने के बाद तीनों मरीज काफी खुश नजर आए। मरीजों ने बताया कि यहां किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। चिकित्सकों ने भगवान के रूप में काम किया है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने ताली बजाकर घर रवाना किया। उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क ए बुलेंस से घर भेजा गया। इससे पूर्व चिकित्सकों ने सभी मरीजों को दवाइयां देकर उन्हें निरंतर लेने की सलाह दी।
बलरामपुर से ५ व कोरिया से २ मरीज भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रविवार की रात बलरामपुर जिसे से ५ व कोरिया जिले से २ कोरोना पॉजिटिव मरीजों को भर्ती कराया गया है। इससे मरीजों की सं या ७३ हो गई थी। जिसमे ३ मरीजों को सोमवार की शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया। शेष ७० मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। वहीं अन्य मरीजों का सौंपल जांच के लिए भेजा गया है।
मरीजों के ठीक होने का सिलसिला जारी
कोरोना से पीडि़त मरीजों के ठीक होने का सिलसिला जारी है। मरीजों को ठीक होने के बारे में चिकित्सक रौशन वर्मा ने बताया कि स्टेट की जो गाइड लाइन है, इसके तहत पीडि़तों को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा दी जा रही है। इसके हिसाब से जिसे जो लक्षण रहता है उक्त दवा दी जा रही है। मरीजों को सुबह ८ बजे नाश्ता, दोपहर दो बजे भोजन व रात ८ बजे भोजन दिया जा रहा है। सारे पेशेंट के पास जो ड्यूटी डॉक्टर का नंबर दिया गया है। मरीजों को परेशानी होने पर वे संपर्क करते हैं।
दोबारा पीडि़त हो गया था आरक्षक
सोमवार को डिस्चार्ज हुए मरीजों में आरक्षक भी शामिल है। दरअसल सूरजपुर जिले के चलगली निवासी ४० वर्षीय आरक्षक दूसरी बार कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। वह २ मई को सूरजपुर के जजावल क्वारंटाइन सेंटर में ड्यूटी करने के दौरान कोरोना से संक्रमित हो गया था। उसे इलाज के लिए रायपुर ए स में भर्ती कराया गया था। यहां से स्वस्थ होने पर उसे १७ मई को होम क्वारंटाइन किया गया था। इस बीच पुन: कोरोना के लक्षण दिखने पर २२ मई को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए सैंपल लिया गया था। २६ मई को आई रिपोर्ट में पुन: कोरोना संक्रमित पाया गया था। उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विश्वास था ठीक हो जाउंगा
कोरिया जिले का एक मरीज जो सोमवार को डिस्चार्ज हुआ, उसने बताया कि मुझे विश्वास था कि मैं ठीक हो जाउंगा। उसने बताया कि यहां चिकित्सकों व कर्मचारियों का व्यवहार बहुत ही कुशल है। सभी मरीजों को ध्यान रखा जा रहा है। चिकित्सकों द्वारा दी गई दवाइयां व नियमित व्यायम करने से मैंने कोरोना से जंग जीत ली।

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