अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में गेट के सामने गर्भवती महिला के प्रसव के मामले में जांच के बाद सीमएचओ ने एक एक स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया है। वहीं एक चिकित्सक व चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थानांतर्गत ग्राम कोटी निवासी 28 वर्षीय महिला पवितर पति राजलाल को प्रसव के लिए ३ मई उसके परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर आए थे। यहां उसे भर्ती कराया गया। ४ मई की सुबह करीब 8 बजे महिला बेड से उतरकर अस्पताल परिसर में ही बैठी थी। इस दौरान अस्पताल का सफाई का भी काम चल रहा था। महिला उल्टी करने के लिए शौचालय की ओर गई तो उसे शौचालय गंदा बता कर उसे बाहर कर दिया गया। महिला एमसीएच से बाहर जैसे ही गई उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। यह देख महिला के परिजनों ने अस्पताल स्टाफ को सूचना दी, लेकिन उन्होंने यह कहकर उसे लाने से मना कर दिया तथा कोई देखने भी नहीं पहुंचा कि बाहर जाने के बाद उनकी कोई जि मेदारी नहीं है। इसी बीच प्रसूता के साथ की महिलाएं और वहां खड़ी अन्य महिलाओं ने साड़ी से घेरावा कर खुले आसमान के नीचे प्रसव कराया। इस मामले में सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिया ने जांच टीम गठन किया था। जांच में लापरवाही सामने आने पर स्टाफ नर्स दीप शिखा रंजन को निलंबित कर दिया गया है। वहीं डॉ. ईएसएल कुजूर व चार स्वास्थ्य कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है।

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