रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- कोरोना संक्रमण का खतरा देखते हुए प्रशासन के द्वारा  26 जुलाई के रात 12 बजे से 2 अगस्त के रात्रि 12 बजे तक सम्पूर्ण लॉकडाउन का घोषणा किया गया था इस बीच 25 जुलाई को नगर में दो कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन के द्वारा आज से ही पूरे नगर में सम्पूर्ण लॉकडाउन कर दिया गया जिस कारण फल, सब्जी दुकान से लेकर सभी आवश्यक वस्तु की दुकाने भी बंद  रही। रविवार के दिन नगर में साप्ताहिक बाजार रहता है प्रशासन के आकस्मिक निर्णय से अफरातफरी की स्थिति निर्मित हो गई थी क्योंकि 24 ,25 जुलाई पूर्णता बंदी था ऐसे में लोग इस उम्मीद में थे कि 26 जुलाई को जब दुकानें खुलेगी तो आवश्यक वस्तु ले लेंगे।

   
नगर के एक फल व्यवसाई एवं एक होटल व्यवसाई के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद नगर में हड़कंप मच गया तो वहीं प्रशासन के द्वारा आनन-फानन में जो लाकडाउन 26 जुलाई के रात 12:00 बजे से किया जाना था उसे आज सुबह से ही कर दिया गया जिस कारण नगर वासियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा स्थिति ऐसी हो गई कि बहुत लोग जो 24 एवं 25 जुलाई को जब सभी दुकानें बंद थी तब वे इस उम्मीद में थे कि जब 26 जुलाई को दुकान खुलेगी तो आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी हम सब कर लेंगे परंतु जब प्रशासन के द्वारा अफरा-तफरी में 26 को भी बंद कर दिया गया तो बहुत से लोग आवश्यक वस्तुएं नहीं खरीद पाए।

 सब्जी बाजार में लहराई पुलिस की लाठियां – प्रशासन के द्वारा अचानक आज सब्जी बाजार तक बंद करने का फरमान जारी कर दिया गया जिसके बाद इक्का-दुक्का सब्जी बेचने वाले जब सब्जी बेचने लगे तो सब्जी लेने के लिए काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए जिसके बाद पुलिस द्वारा समझाइश देने की जगह लाठियां बरसाई गई। जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य कमाल अहमद ने बताया कि हमें पता नहीं था कि आज सब्जी बाजार तक बंद है जब मैं सब्जी लेने गया तो पुलिस समझाइश की जगह लाठियां बरसाना शुरू कर दी जिससे अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया महिला बुजुर्ग बच्चे सहित सभी दौड़ भाग दौड़ करने लगे।

     
निराश होकर लौटे दूर-दूर से आने वाले छोटे सब्जी व्यवसाई-
रामानुजगंज में तो करीब-करीब सभी जान गए थे कि आज सब्जी बाजार भी प्रशासन के द्वारा नहीं खोलने का फरमान जारी किया गया है परंतु दूरदराज गांव से सब्जी लेकर बेचने आने वाले लोगों को नहीं पता था कि आज सब्जी बाजार भी बंद है बहुत से लोग पैदल साइकिल से मोटरसाइकिल से आते हैं ऐसे में सभी आकर निराश होकर लौटे।

   
प्रशासन के फरमान से हुई असुविधा – गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा कोरोना के कारण सप्ताह में दो दिन शुक्रवार एवं शनिवार को पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा पूर्व में कई गई थी साथ ही बाकी के दिनों में दुकानों के खोलने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक का निर्धारित किया गया था इसी बीच गुरुवार को दोपहर लगभग 2बजे जिला प्रशासन के द्वारा आदेश जारी कर 26 जुलाई से 2 अगस्त तक सम्पूर्ण लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई क्योंकि बाजार खुलने का समय दोपहर 2 बजे तक ही निर्धारित था इसलिए नगरवासियों में यह उम्मीद थी कि उन्हें 26 जुलाई को दिन में अपने जरूरत का समान लेने का मौका मिल जाएगा परन्तु अचानक से प्रशासन के फरमान के बाद नगर वासियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

     
छोटे दुकानदार भी हुए काफी निराश- बहुत से ऐसे दुकानदार हैं जो सप्ताह के सारे दिन दुकान नहीं लगाते हैं वह सिर्फ सप्ताहिक बाजार के दिन दुकान लगाते हैं जिससे उनका सप्ताह भर का खर्च चलता है परंतु आज साप्ताहिक बाजार बंद होने से छोटे दुकानदारों को काफी निराशा हुई।

 कैसे मनेगा त्योहार – शासन के निर्देशानुसार लॉकडाउन के 72 घंटे पूर्व आम जनता को सूचित करना होगा जिला प्रशासन ने 72 घंटे पूर्व आदेश जारी भी कर दिया जिसके बाद नगरवासी रविवार को आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी हेतु उम्मीद लगाए बैठे थे परन्तु स्थानीय प्रशासन द्वारा आदेश लागू होने के 72 घंटे  तक स्थानीय स्तर पर  लॉक डाउन कर देने से अब आम जनता के बीच यह समस्या उत्पन्न हो गई है कि वह 1 अगस्त को पड़ने वाले बकरीद तथा 3 अगस्त को पड़ने वाले रक्षा बंधन का त्योहार के लिए खरीददारी कैसा और कहा से करे।

इस संबंध में एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि कोरेना संक्रमण के खतरे को देखते हुए आकस्मिक रूप से 26 को पूर्णता बंद करने का निर्णय लिया गया।

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