अंबिकापुर। सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी रासेयो रानी रजक के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रांगण में स्वयं सेवकों ने पेड़ लगाए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. एस.एन. पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूरा मानव समाज पर्यावरण पर ही निर्भर है, यदि पर्यावरण न रहे हो तो हमारा जीवन संभव नहीं है। हम अपने विकास के लिए पर्यावरण संसाधन का उपयोग करें परन्तु उतना ही जितना जरुरत हो। प्राकृतिक संसाधन के उपयोग के साथ साथ बचाव भी करना है। हमें ऐसी चीजों से बचना है जिससे हमारा पर्यावरण का संतुलन खराब हो। आज जिस तरह पेड़ कट रहा है, और कारखाने बन रहे हैं, उससे निकल रही गैस के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, जो हमारा पूरा अस्तित्व खत्म कर रहा है। हमें पेड़ लगाकर उसका देखभाल करना चाहिए। ऐसे पेड़ों को ज्यादा लगाना चाहिए, जिससे हमें ऑक्सीजन अधिक मिले। अंत में उन्होंने कहा कि हम सभी को पेड़ लगाने एवं दूसरों को भी पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना होगा। विशिष्ट अतिथि अंचल कुमार ओझा ने अपने उद्बोधन में कहा हमें प्लास्टिक का उपयोग कम करना होगा। अपने पास हमेशा थैला रखें और पर्यावरण प्रदूषण कम करें। पर्यावरण का तात्पर्य सभी प्राकृतिक परिवेश भूमि, वायु, जल, पौधे, जानवर, ठोस पदार्थ, अपशिष्ट, सूर्य का प्रकाश, जंगल और अन्य चीजों से है। स्वस्थ पर्यावरण प्रकृति के संतुलन को बनाए रखता है, जो पृथ्वी पर सभी जीवित चीजों को बढ़ाने, पोषण और विकसित करने में मदद करता है। विशिष्ट अतिथि अतिथि ममोल कोचेटा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हम सभी को प्रकृति की रक्षा, प्रदूषण को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाने की याद दिलाता है। यह दिन अधिक से अधिक पेड़ लगाने, कचरे को रिसाइकल करने और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा हमें पेड़ लगाने के लिए किसी दिन की आवश्यकता नहीं है, प्रतिदिन पेड़ लगाएं और उसकी देखभाल करें। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने विश्व पर्यावरण दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना है, जो संयुक्त राष्ट्र के अभियान का हिस्सा है। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 हमें याद दिलाता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह निरंतर प्रयासों की मांग है। प्लास्टिक से फैलने वाले प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, संगठनों और व्यक्तियों को मिलकर काम करना होगा। कार्यक्रम में रोशनी सिंह, अमृता जायसवाल, महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक प्रियलता जायसवाल, मिथलेश कुमार गुर्जर, उर्मिला यादव, सविता यादव, सीमा बंजारे, पूजा रानी, ज्योत्सना राजभर, अर्चना सोनवानी, गोल्डन सिंह, नितेश कुमार यादव एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

Categorized in: