बिश्रामपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर एसईसीएल क्षेत्र के कुमदा कॉलोनी में 3 करोड़ 61 लाख 58 हजार रुपए की लागत से बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का क्षेत्रीय महाप्रबंधक अमित सक्सेना ने सोमवार को लोकार्पण किया। क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री सक्सेना ने कहा कि क्षेत्र में सीवरेज के दूषित जल को उपयोगी बनाने के लिए तीन सीवरेज प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना पर वर्तमान में तेजी से काम चल रहा है, जिसमें कुमदा सहक्षेत्र में पहला एसटीपी बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के लिहाज से यह उपयोगी और जरूरी भी। उन्होंने बताया कि रेहर कॉलोनी में भी 1 करोड़ 80 लाख की लागत से एसटीपी निर्माण का काम चल रहा है, इसके अतिरिक्त बिश्रामपुर कॉलोनी क्षेत्र में भी पुराने एसटीपी को करीब डेढ़ लाख रुपए की लागत से रेनोवेट कराने की योजना है। ट्रीटमेंट के बाद स्वच्छ पानी को स्टॉप डेम व नालों में छोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को उक्त पानी सिंचाई के लिए मिलने सहित आवश्यकतानुसार इस जल का उपयोग किया जा सकेगा। बता दें कि एसईसीएल कॉलोनियों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी और उसके उपचार के लिए कुमदा कॉलोनी में नए सिरे से नालियों का निर्माण कर क्वार्टरों से निकलने वाले दूषित जल को सीधे प्लांट पहुंचाकर उसका उपचार कर नालों व स्टॉप डेम में छोड़ने की योजना है। कुमदा कॉलोनी में करीब एक हजार क्वार्टर हैं, जहां से निकलने वाले दूषित जल को उपचार के बाद नालों में छोड़ा जाएगा। इस अवसर पर कुमदा सब एरिया मैनेजर वीके गुप्ता, एपीएम सीसी नायक, स्टॉफ ऑफिसर सिविल एस थंगराज, सीनियर मैनेजर सिविल प्रवीण कुमार, कंपनी संचालन समिति सदस्य मजरुल हक अंसारी, देवेन्द्र मिश्रा, सुजीत सिंह, जेपी पांडेय, शिवाकांत मिश्रा, प्रेमचंद सिंह, आशीष पांडेय, गुणवत्ता अधिकारी अमरेंद्र नारायण, डीएस सोढ़ी, अनुपम दास, अमरजीत सिंह, डीएस सोढ़ी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सात करोड़ होंगे खर्च

महाप्रबंधक ने बताया कि क्षेत्र के अलग-अलग कालोनियों में सीवरेज प्लांट स्थापना के लिए सात करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें कुमदा  सहक्षेत्र में 3 करोड़ 61 लाख 58 हजार रुपए के अलावे रेहर गायत्री केतकी सहक्षेत्र के रेहर कॉलोनी में 1 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से एसटीपी प्लांट निर्माण का कार्य चल रहा है। बिश्रामपुर कॉलोनी में करीब दो दशक पूर्व निर्मित प्लांट को पुनः रेनोवेट कर चालू करने डेढ़ करोड़ रुपए की राशि की मांग कंपनी मुख्यालय से की गई है। तीनों एसटीपी के निर्माण के बाद क्षेत्र में निर्मित करीब साढ़े हजार क्वार्टरों से निकलने वाला दूषित जल का उपचार कर उपयोग लायक बनाया जाएगा। कुमदा में आज लोकार्पित हुए ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पोलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली की कंपनी द्वारा कराया गया है। प्लांट का संचालन 4 वर्ष तक निर्माता कंपनी ही करेगी, जिसके लिए एसईसीएल 51 लाख रुपए कंपनी को मेंटनेंस चार्ज के रूप में देगी। एसटीपी से 75 एमएलडी जल स्वच्छ होगा। बता दें कि करीब दो दशक पूर्व एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के चोपड़ा कॉलोनी में ढाई करोड़ रुपए की राशि खर्च एसटीपी प्लांट का निर्माण कराया गया था, जो कुछ माह चलने के बाद प्लांट बन्द हो गया। जिसके बाद प्लांट में लगे करोड़ों के मशीनी उपकरणों की चोरी हो गई।

एसटीपी निर्माण है आवश्यक 

बताया जा रहा है कि खदान क्षेत्रों व कॉलोनियों से निकलने वाले दूषित जल से पर्यावरण पर इसका सीधा असर पड़ता है। पर्यावरण पर दुष्प्रभाव को रोकने पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा एसटीपी निर्माण के लिए लगातार एसईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर एसटीपी निर्माण के लिए निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन किन्ही कारणों से मामला अब तक लटकता रहा। अब देर से ही सही क्षेत्रीय प्रबंधन ने इसके निर्माण के लिए पहल की है। अब इसके व्यवस्थित संचालन के लिए प्रबंधन को ध्यान देना होगा।

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