गिरजा ठाकुर

सांप्रदायिक सौहाद्र्र बनाए रखने के आग्रह पर आधी जमीन कब्रिस्तान के लिए देने तैयार हुआ भू-स्वामी

अंबिकापुर। मणिपुर पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लब्जी में कब्रिस्तान के उपयोग में आने वाली भूमि पर बने कब्रों के पक्के निर्माण में तोडफ़ोड़ को लेकर दो पक्षों के बीच शुक्रवार को विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना पर मौके पर राजस्व और पुलिस विभाग की टीम पहुंची। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद भी काफी देर तक उहापोह की स्थिति बनी रही। तनाव की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए प्रशासन और पुलिस टीम दोनों को समझाइश दे रही थी। बाद में आधी जमीन कब्रिस्तान के उपयोग में दिए जाने को लेकर सहमति बनी और विवाद का पटाक्षेप हुआ।

  जानकारी के मुताबिक ग्राम लब्जी में स्थित गौचर भूमि का उपयोग एक वर्ग विशेष के लोग लंबे समय से कब्रिस्तान के रूप में कर रहे हैं। उक्त भूमि का गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा पट्टा पेश कर निज भूमि होने का दावा किया जा रहा था। ग्रामीण उक्त भूमि को सुरक्षित करने कब्रों के पक्के निर्माण को हटवाने में लगा था। इसकी जानकारी समुदाय विशेष के लोगों को मिलने के बाद विवाद की स्थिति बनने लगी। इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर तहसीलदार भूषण सिंह मंडावी, मणिपुर पुलिस चौकी प्रभारी सरफराज फिरदौसी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और गौचर भूमि का पट्टा पेश किए ग्रामीण की भी बात सुनी। इस दौरान सामने आया कि जिस भूमि का उपयोग कब्रिस्तान के लिए किया जा रहा है, वह शासकीय रिकार्ड में कब्रिस्तान के उपयोग के लिए आबंटित नहीं किया गया है और न ही राजस्व के दस्तावेज में ऐसा कहीं उल्लेखित किया गया है। उक्त भूमि का पट्टा बन जाने के बाद भू स्वामी के द्वारा शुक्रवार की सुबह कब्रों को हटाने पक्के निर्माण कार्य को तोड़वाने में लगा था।

पुलिस व प्रशासन की टीम ने भू-स्वामी और समुदाय विशेष को आमने-सामने कर सांप्रदायिक सौहाद्र्र बनाए रखने का आग्रह किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समन्वय बनने की बातें सामने आ रही हैं। आधा जमीन कब्रिस्तान के उपयोग में लिए जाने की बात पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिससे मामले में किसी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।बंगाली समुदाय को आबंटित भूमि से जमींदोज किया गया निर्माणबंगाली समुदाय के लोगों को शासन के द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर लगभग डेढ़ दर्जन लोगों के द्वारा किए गए निर्माण की सूचना पर मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने सभी निर्माण को जमींदोज कर दिया। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम अजिरमा का है। प्रशासन को बंगाली समुदाय की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी, जांच के दौरान यहां 17 लोगों का कब्जा पाया गया था। मामले में दो ऐसे लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जो स्टांप पेपर में पुनर्वास मद की भूमि को गलत तरीके से बेचने में लगे थे। इसकी शिकायत भाजपा नेता व पार्षद आलोक दुबे के द्वारा की गई थी। इसके बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच जांच की थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गलत तरीके से पुनर्वास की भूमि पर किए गए निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई।  

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