राजेंद्र ठाकुर बलरामपुर – बलरामपुर जिले का बचवार एक ऐसा गांव जहां आज भी सुगम मार्ग नहीं है। सैकड़ों की संख्या में निवास करने वाले ग्रामीणों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।यहां के ग्रामीणों को मुख्यालय तक के सफर तय करने के लिए कई किलोमीटर तक घनघोर जंगल पहाड़ी रास्तों का सफर तय करते हुए उफनती हुई नदियों को भी पार करना पड़ता है। तब जाकर मुख्यालय तक का सफर पूरा होता है। यहां तक पहुँचना स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए एक चुनौती होती है। लेकिन बलरामपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहती है। और आज इसका जीता जागता उदाहरण 17 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दीया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जंगल पहाड़ों के रास्ते उफनती नदी को पार करते हुए गांव में पहुंचती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को वहां पहुंचने में घंटों समय लग जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी चुनौतियों का सामना करते हुए गांव पहुंचकर गांव के लोगों को एकत्रित कर कैंप के माध्यम से उनका स्वास्थ्य परीक्षण करती है। बलरामपुर जिले में 15 जून से 31 जुलाई 2021 तक मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ की अभियान की शुरुआत हुई है। बलरामपुर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.बसंत सिंह,डीपीएम स्मृति एक्का, बीएमओ डॉ. एच.एस. मिश्रा, बीपीएम नेत्र प्रकाश सोर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य प्रशिक्षण करते हुए उन्हें मौके पर ही निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करा रही है।जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा ग्रामीणों का मलेरिया, शुगर, बीपी,जांच,कोरोना टेस्ट एवं टीकाकरण का कार्य किया गया। उपस्थित स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा ग्रामीणों को कोरोना से बचाव मलेरिया के लक्षण एवं बचाव अन्य बीमारियों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ दीपक गुप्ता, फार्मासिस्ट राहुल गुप्ता, वीरेंद्र कुमार सिंह, लैब टेक्नीशियन करामत अली, एमपीएस रमेश कुमार, एएनएम ज्ञानेश्वरी एक्का, एलटी आरती मिंज, मितानिन रीना गुप्ता, एमटी सुकृता के द्वारा उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य प्रशिक्षण किया गया जिसमें 35 लोगो का एचबी, 23 का शुगर एवं 29 लोगों का कोविड-19 टेस्ट किया गया। बलरामपुर जिले पांच विकासखंड के 105 गांव के 1 लाख 26 हजार 354 लोगों का मलेरिया टेस्ट करने का लक्ष्य जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बलरामपुर जिले के एपीआई दर शून्य हो गया है सन 2017 में बलरामपुर जिले का एपीआई दर 13.5 था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सजगता से आज जिले के एपीआई दर शून्य पर पहुंच गया है। वही मलेरिया मुक्त बनाने की ओर अग्रसर बलरामपुर जिला हर चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।सूरज गुप्ता बलरामपुर जिले का बचवार एक ऐसा गांव जहां आज भी सुगम मार्ग नहीं है। सैकड़ों की संख्या में निवास करने वाले ग्रामीणों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।यहां के ग्रामीणों को मुख्यालय तक के सफर तय करने के लिए कई किलोमीटर तक घनघोर जंगल पहाड़ी रास्तों का सफर तय करते हुए उफनती हुई नदियों को भी पार करना पड़ता है। तब जाकर मुख्यालय तक का सफर पूरा होता है। यहां तक पहुँचना स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए एक चुनौती होती है। लेकिन बलरामपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहती है। और आज इसका जीता जागता उदाहरण 17 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दीया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जंगल पहाड़ों के रास्ते उफनती नदी को पार करते हुए गांव में पहुंचती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को वहां पहुंचने में घंटों समय लग जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी चुनौतियों का सामना करते हुए गांव पहुंचकर गांव के लोगों को एकत्रित कर कैंप के माध्यम से उनका स्वास्थ्य परीक्षण करती है। बलरामपुर जिले में 15 जून से 31 जुलाई 2021 तक मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ की अभियान की शुरुआत हुई है। बलरामपुर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.बसंत सिंह,डीपीएम स्मृति एक्का, बीएमओ डॉ. एच.एस. मिश्रा, बीपीएम नेत्र प्रकाश सोर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य प्रशिक्षण करते हुए उन्हें मौके पर ही निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करा रही है।जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा ग्रामीणों का मलेरिया, शुगर, बीपी,जांच,कोरोना टेस्ट एवं टीकाकरण का कार्य किया गया। उपस्थित स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा ग्रामीणों को कोरोना से बचाव मलेरिया के लक्षण एवं बचाव अन्य बीमारियों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ दीपक गुप्ता, फार्मासिस्ट राहुल गुप्ता, वीरेंद्र कुमार सिंह, लैब टेक्नीशियन करामत अली, एमपीएस रमेश कुमार, एएनएम ज्ञानेश्वरी एक्का, एलटी आरती मिंज, मितानिन रीना गुप्ता, एमटी सुकृता के द्वारा उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य प्रशिक्षण किया गया जिसमें 35 लोगो का एचबी, 23 का शुगर एवं 29 लोगों का कोविड-19 टेस्ट किया गया। बलरामपुर जिले पांच विकासखंड के 105 गांव के 1 लाख 26 हजार 354 लोगों का मलेरिया टेस्ट करने का लक्ष्य जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बलरामपुर जिले के एपीआई दर शून्य हो गया है सन 2017 में बलरामपुर जिले का एपीआई दर 13.5 था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सजगता से आज जिले के एपीआई दर शून्य पर पहुंच गया है। वही मलेरिया मुक्त बनाने की ओर अग्रसर बलरामपुर जिला हर चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।

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