दतिमा मोड़/सूरजपुर(अनुप जायसवाल)- जिले के विकासखंड सूरजपुर के अंतर्गत तिलसिवां पंचायत के स्कूल पारा पश्चिम वार्ड क्रमांक-14 में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं पंचायत के ग्रामीणों को आज से कई वर्ष पहले से दूर से या ढोडी का पानी पीना पड़ रहा है, और हैंड पंप कई कि.मी दूर स्थित है, जिससे काफी परेशानी होती है, कभी-कभी मेहमान घर में आते हैं तो मजबूरी में कई कि. मी दूर पिने योग स्वच्छ पानी लाया करते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि 10 परिवार के 40 से 50 लोग हम सभी रहते है, और कई लोग और थे किंतु पानी के सुविधा नही रहने के कारण यहाँ से दूसरे स्थान बस गए, ढोडी ही एकमात्र सहारा बना हुआ है वर्षों से क्षेत्र के सरपंच-सचिव, जनप्रतिनिधि को गुहार लगा रहे हैं किंतु कोई पहल नहीं किया जा रहा है, कहा जाता है हो जाएगा हो जायेगा लेकिन आज तक नही हुआ, लोग पानी के लिए तरस सा गए है और कई प्रकार का खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीण भुगत रहे हैं।

ग्राम पंचायत तिलसिवां अंतर्गत स्थित वार्ड क्रमांक 14 निवासी ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से हमें पानी की दिक्कत हो रही है और दूर-दूर में गिने-चुने हैंड पंप तो है लेकिन गंदा पानी निकलता है कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव को इसका सूचना दिया गया लेकिन अब तक ना तो हैंडपंप बनाया गया ना ही पेयजल के लिए कोई व्यवस्था किया गया ग्रामीणों यदि दूर से पानी नही लाते है तो ढोड़ी का पानी पीना पड़ता है, और इस पानी को सेवन करने के बाद कई प्रकार का बीमारी का भी सामना करना पड़ रहा है आखिर यह सभी समस्याओं का जिम्मेदार कौन होगा।

तिलसिवां में लगभग कई वर्षों से पानी की कोई सुविधा नहीं है पिछले वर्ष गरीब महिला कमलाबाई ने गर्मी में अपने कुआं में दो टैंकर पानी डलवाई थी, कभी-कभी आवश्यक साफ पानी की आवश्यकता पड़ती है तो मेन रोड पार करना पड़ता है जिससे घटना की संभावना बनी रहती है, बरसात में पानी बरसता है तो आंगन के छानी के नीचे बर्तन रख दिया जाता है और उस पानी का बर्तन कपड़ा आदि पर प्रयोग किया जाता है, सरपंच सचिव द्वारा वादे कर हम भूल जाते हैं।

सबसे बड़ा मामला यह है कि छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन के प्रतिनिधि जब ईई, पीएचई से बात की तो उनके द्वारा कहा गया ऐसा मामला नही है मैं वहां गया था, और वहा के लोग बोल रहे है कि हम यही से पानी पीते है, हमे बहुत परेशानी है, बहुत दिनो से पानी की समस्या है, अब वहा के ग्रामीण सही बोल रहे या अधिकारी यह देखने योग बात होगी? छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन के वीडियो उपलब्ध है जिसमे महिला अपना बयान दिए है।

कामेश्वर सिंह सरपंच- विधायक जी को मैं प्रस्ताव दिया था और वहा का नल दूसरे स्थान पर खनन हो गया, जल्द ही मैं प्रयास करता हु।

सुखल सिंह तिलसिवां सचिव- अधिकतर इस गांव में गर्मी में ही पानी की समस्या होती है, और आधे लोग दूर से पानी लाते है हम विधायक से कई बार मामला को रूबरू कराये है।

एसबी सिंह, ईई, पीएचई- मैं जब तिलसिवां गया था तो मेरे को ढोडी नही दिखा, वहा बस्ती में हैंडपंप है, आइये गा आप कहा पास ढोडी है दिखाइए गा मुझे ढोडी नही दिखा।

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