छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने रैली निकाल किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा  

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारियों की लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यानाकर्षण कराने शुक्रवार को रैली निकाली और घड़ी चौक पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। फेडरेशन की ओर से मांगों का निराकरण कराने पुन: जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन पत्र प्रेषित किया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि फेडरेशन के द्वारा राज्य शासन को समय-समय पर ज्ञापन देकर कर्मचारी व अधिकारी हित की मांगों के निराकरण का अनुरोध किया गया है। कई चरणों में आंदोलन कर शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षण जिले के कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर कराया गया, लेकिन निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई नहीं होने से प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी आक्रोशित हैं। उल्लेखनीय है कि फेडरेशन 14 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन सितंबर 2021 को प्रदेश बंद कराया था। उक्त आंदोलन को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री के द्वारा समय-सीमा तय करते हुए पिंगुआ कमेटी गठित की गई, लेकिन उक्त कमेटी द्वारा आज दिनांक तक सरकार को रिपोर्ट नहीं सौंपी है, जिससे कर्मचारी जगत व्यथित है। 26 फरवरी 2023 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की बैठक में शासन के उपेक्षा पूर्ण रवैये का लोकतांत्रिक विरोध एवं मांगों के निराकरण हेतु शासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए चरणबद्ध आश्वासन नहीं समाधान आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। इसी तारतम्य में प्रथम चरण में तीन मार्च को जिला, ब्लॉक, तहसील स्तरीय रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। द्वितीय चरण में 18 मार्च को रायपुर में प्रांत स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के जिला संयोजक कमलेश सोनी, संभागीय प्रभारी ओमकार सिंह, डॉ.सीके मिश्रा, राजेश बराठे, अनिल तिवारी, राजेंद्र जायसवाल, नितेश पांडेय, बलधीर टोप्पो, ज्योति ली, हरिशंकर सिंह, जवाहर गुप्ता, सीएम मिश्रा, आनंद यादव, विजेंद्र यादव, राजेश रावत, सुनील तिवारी, मनीष मेहता, भावेश सिन्हा, राजेश्वर सिंह, जोधेश्वर सिंह, भारतेंदु वर्मा, इंद्रजीत देवांगन, एलके सिंह, संजय यादव, रीता कुर्रे उपस्थित थे।  
इन मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन
फेडरेशन की मांगों में लिपिक संवर्ग के वेतन विसंगति के निराकरण साथ ही सहायक शिक्षक एवं समस्त एलबी संवर्ग की पूर्व सेवा की गणना, वेतन विसंगति व समस्त लाभ, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, वन विभाग, पशु पालन सहित अन्य विभागों के कर्मचारी संवर्ग की वेतन विसंगति सहित 14 मांगों के लिए 17 सितंबर 2021 को गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सरकार को सौंपना, प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को लंबित पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृति आदेश जारी करना, जन घोषणा पत्र में उल्लेखित चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी करना, साथ ही घोषणा पत्र में उल्लेखित अन्य मांगों को पूरा करना शामिल है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से शासन के समक्ष रखने के लिए रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पंडरी, पुराना बस स्टैंड को धरना स्थल घोषित करने की मांग की गई है।

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