लखनपुर दिनेश बारी- विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत बीते शनिवार के मध्य रात्रि में प्राकृतिक आपदा स्वरूप भारी मात्रा में ओलावृष्टि होने से रवि फसल गेहूं दलहन तिलहन सब्जियां सहित ईट व्यवसायियों का खासा नुकसान देखा जा रहा है जिस तरह से लगातार क्षेत्र में ओलावृष्टि होने से ईट व्यवसाई और किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही और आर्थिक क्षति झेलना पड़ रहा है है जिसके लिए शासन से मुआवजा की मांग किया गया। इस तरह से प्राकृतिक आपदा आए दिन ओलावृष्टि गरज एवं तेज आंधी के बीच आने का विगत 30-40 वर्ष पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया था।

लखनपुर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत प्राकृतिक आपदा किसानों का और इन व्यवसायियों को लगातार आर्थिक हानी देखने को मिल रही है जिससे रवि फसल के स्वरूप में इस अकों के द्वारा गेहूं दलहन तिलहन सब्जी मक्का इत्यादि फसलों का उत्पादन बड़ी रकम लगाकर किया गया था जिसमें प्राकृतिक आपदा स्वरूप आए दिन ओलावृष्टि का प्रकोप झेलना पड़ रहा है जिससे किसानों ई माथे में चिंता की लकीर उभरने लगी है वहीं खिसक इससे लगातार प्रकृतिक आपदा ओलावृष्टि से सैकड़ों किसान नो की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है किसान मुख्य रूप से क्षेत्र में गेहूं का फसल दलहन तिलहन कभी फसल किया गया था वही किसानों के द्वारा क्षेत्र में टमाटर सब्जियां जैसे अन्य कृषि संबंधित फसल उगाई जा रहे थे जिससे लगातार ओलावृष्टि होने से फसलों में बड़े पैमाने पर काफी नुकसान देखा जा सकता है या नुकसान लखनपुर के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की हालात आर्थिक रूप से काफी खराब हो चुकी है किसानों के द्वारा इस तरह से आए दिन ओलावृष्टि होने से फसल नुकसान होने से आर्थिक नुकसान भी काफी मात्रा में फसलों का छाती देखा जा सकता है।

लगातार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से मुख्य रूप से ईट व्यवसायियों का भी इस समय काफी क्षति देखा जा सकता है इस ओलावृष्टिऔर बेमौसम बारिश होने से लगातार बारिश का होना ईट व्यवसायियों के लिए आर्थिक नुकसान ईट पानी आने से गल जाना व् कच्चे ईट पूरी तरह से बर्बाद होना जिसके कारण ईट व्यवसायियों का इस वर्ष काफी पैमाने पर क्षति होना बताया जा रहा है जिससे इस वर्ष ईट का व्यापारियों को आर्थिक क्षति का भी नुकसान झेलना पड़ रहा है जिसे देखते हुए ईट का उत्पादन में भी 70 फ़ीसदी कमी देखने को मिल सकता है जिसके कारण ईट का मांग अधिक होने के कारण मूल्यों की वृद्धि भी संभवत काफी होगी जिसके कारण बन रहे प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य निर्माण कार्यों भी प्रभावित होना लाज़मी है।

वही तेज आंधी और बारिश सहित ओलावृष्टि होने से क्षेत्र में कई पेड़ एवं उसके डगाल उखड़ कर गिर गए कहीं कहीं तेज आंधी के कारण पेड़ के डगाल घरों में भी गिर गए जिसके कारण ग्रामीण किसी तरह घर से बाहर निकल अपना जान बचाने में सफल हुए वही तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि होने से पशु पक्षी खासतौर में पक्षियों की काफी संख्या में मौत होना भी देखा जा रहा है जिस तरह से प्राकृतिक आपदा हो रहा है उसे देखते हुए बीते रात्रि में काफी क्षति देखा जा सकता है आम क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग किया है कि उचित मुआवजा राशि उन तक पहुंच सके।

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