सूरजपुर। कोरोना संक्रमण को लेकर देश इन दिनो मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है और इस संक्रमण को रोकने में जहां सोशल डिस्टेंसिंग महत्वपूर्ण हथियार है तो वहीं स्वच्छता भी इस वायरस के संक्रमण को रोकने में कारगर साबित हो रहा है। यही वजह है कि सरकार, प्रशासन बार बार लोगों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील कर रहें है। लेकिन शासन प्रशासन के इस आग्रह काअसर आम आदमी पर भले हो रहा हो परन्तु शासन के ही एक इकाई पर इसका असर होता दिखाई नही पड़ रहा है। शहरों में नगरपालिका एक महत्वपूर्णं अंग है जिसके माध्यम से शहरों में आम लोगों को सुरक्षित करने सफाई अभियान का जिम्मा है। परन्तु यहां नगरपालिका का हाल इसके विपरित है वह साफ सफाई के अभियान में भी जेब भरने की जुगत देख रही है। यही वजह है कि सफाई कागजो में तो जबरजस्त है। लेकिन हकीकत कुछ और है। यहां नगरीय क्षेत्र में करीब नौ सामुदायिक शौचालय है। जहां इस कदर गंदगी का अंबार है कि इंसान तो क्या जानवर भी जाना पसंद न करें।

जबकि इन शौचालयों में साफ सफाई और तमाम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छता श्रृंगार के तहत प्रतिमाह करीब आधा लाख रूपए नगरपालिका खर्च करती है और उसके देख रेख की जिम्मेदारी नपा. के कतिपय अधिकारियों पर है। स्वच्छता श्रृंगार के तहत बने इन शौचालयों का हाल बेहाल है। गंदगी का आलम है जहां लोग जाने से कतराते है गलती से अगर कोई चला गया तो वह संक्रमण का शिकार होने से शायद ही बच पाएगा। यह हाल तब है जब प्रतिमाह सरकार इस पर आधा लाख रूपए खर्च कर रही है। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि नगरपालिका इस संकटो के दौर में भी साफ सफाई पर ध्यान देने की बजाए जेब भरने पर ध्यान दे रही है। दुर्भाग्य तो यह है कि नपा. में इस बार ऐसे प्रतिनिधि चुन कर आएं है जो भ्रष्टाचार व बेलगाम नपा. पर अंकुश लगाने का वायेदा करते रहें है। बावजूद इसके यहां नगरपालिका का जो हाल है उससे ऐसा लगता है कि उन्होंने भी आंख मुंद ली है और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।

संतोष सोनी

वार्ड क्र. 11 के पार्षद संतोष सोनी ने इस समूचे मामले का खुलासा करते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी का ध्यानाकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका लगभग निरंकुशता की स्थिति में है। यहां मनमानी का दौर चल रहा है। उन्हें यह जानकारी मिली थी कि सामुदायिक शौचालयों का साफ सफाई नही हो रहा है। जिसे उन्होंने खुद जाकर देखा तो स्थिति काफी बदतर है। जिस पर उन्होंने अपनी चिंता जाहिर करते हुए सीएमओ को ध्यान देने के साथ ही जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षण करने का मन बनाया है। दूसरी ओर नपा. खुद स्वीकार रही है कि कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में नगर में कोई विशेष सफाई अभियान नही चला है जबकि लाॅकडाउन को एक महिने से उपर हो गया।

ये सामग्री होनी चाहिए उपलब्ध
सामुदायिक शौचालयों मंे नगरपालिका के दावे के मुताबिक उपरोक्त सामग्री उपलब्ध रहतें है। जिनमें झाडू, पोछा, वाईपर, फिनायल, हार्पिक, हैंडवास, सर्फ, ग्लबस, गमबूट, मास्क, फिनायल गोली,
रजिस्टर, ब्लब, वायर, बाल्टी, मग, साबुन, एयरफ्रेसनर आदि शामिल है। हकीकत इन सामुदायिक शौचालयों मंे जाकर देखा जा सकता है। जहां नपा. की पोल खुलती दिख जाएगी।

होगी सफाई
सामुदायिक शौचालयों में गंदगी का आलम बेहद गंभीर विषय है। निश्चित रूप से इन शौचालयों की नियमित सफाई होनी चाहिए। मैं तुरन्त नपा. के जिम्मेदार लोगों का ध्यानाकर्षित कर सफाई के लिएपहल करता हूं और इसके नाम पर जो राशि आहरित हो रही है इसके बावजूद सफाई का न होना यह जांच का विषय है और इसमें जो भी जिम्मेदार होगा उस पर कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन का भीध्यान इस ओर आकर्षित कराया जाएगा।

रितेश गुप्ता
उपाध्यक्ष, नगरपालिका परिषद सूरजपुर

चलाया जाएगा अभियान
लाॅकडाउन के दौरान हो सकता है कि वे इस ओर ध्यान नही दे पाए हैं। आप के माध्यम से यह बात संज्ञान में आई है तो कल से ही इन शौचालयों की साफ सफाई के साथ वार्डों में भी रोस्टर के अनुसार साफ सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
दीपक एक्का
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सूरजपुर

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