बिहार के शेखपुरा और बरबीघा से हुई गिरफ्तारी, सौ से अधिक वारदातों में शामिल होने की संभावना  

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे आपरेशन साइबर क्लीन के तहत ठगी के मामले में सरगुजा पुलिस ने बिहार शेखपुरा से एक नाबालिक सहित नौ अंतर्राज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के मार्गदर्शन में उक्त कार्रवाई की गई, जिसमें पढ़े-लिखे ठगों तक पहुंचने में पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली है। आरोपित लाखों रुपये के ईनाम का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। सरगुजा पुलिस ने बिहार में 48 घंटे कैंप कर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके द्वारा मिशो कंपनी के नाम पर 25 लाख का ईनाम देने का झांसा देकर पांच लाख 43 हजार 580 रुपये की ठगी की थी। इस कार्रवाई में साइबर सेल सरगुजा और सीतापुर पुलिस थाना की संयुक्त टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। आरोपितों से 20 नग मोबाइल, फर्जी परिचय पत्र के माध्यम से जारी अलग-अलग कंपनियों के 50 सिम, 15 नग एटीएम, एक लाख रुपये से अधिक आरोपितों के खाता से होल्ड कराए गए हैं एवं 11 हजार 300 रुपये नगद बरामद किया गया है।
मामले का पर्दाफास करते हुए सरगुजा जिले की संयुक्त पुलिस टीम के नेतृत्वकर्ता आईपीएस स्मृतिक राजनाला ने कोतवाली में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि ग्राम कपाटबहरी थाना सीतापुर की हेमन्ती बड़ा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 जुलाई 2022 को उसके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर मीशो कंपनी के नाम पर 25 लाख रुपये का ईनाम देने कहा गया। ठग के प्रलोभन में वह आ गई और 12 बार ट्रांजेक्शन कर पांच लाख 43 हजार 580 रुपये की ठगी का वह शिकार हो गई। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 420 भादवि व आईटी एक्ट की धारा 66-डी का अपराध कायम कर विवेचना में लिया। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज राम गोपाल गर्ग व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के मार्गदर्शन, निर्देशन में ठगी के आरोपितों की पतासाजी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण अखिलेश कौशिक, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतापुर ध्रुवेश जायसवाल के दिशा-निर्देश में ऑपरेशन साइबर क्लीन के तहत विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने जांच, विवेचना में सायबर सेल से तकनीकि जानकारी प्राप्त की और आरोपितों के धरपकड़ हेतु बिहार झारखंड रवाना हुए। पुलिस टीम ने 48 घंटे का कैंप लगाकर शेखपुरा बिहार से एक नाबालिक सहित नौ अंतर्राज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दी है। 

सरगुजा एसपी के बैचमेट का मिला सहयोग
नगर पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला ने बताया कि मीसो कंपनी के नाम पर ईनाम का प्रलोभन देकर ठगी करने वाले आरोपितों का एक जगह ठिकाना नहीं रहता था। हर बार नए-नए लोकेशन का ये उपयोग करते आ रहे थे। इनके द्वारा बकायदा आफिसियल समय की तरह दिन में 11 बजे से शाम पांच बजे तक का समय ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए उपयोग किया जाता था। पुलिस ने इन्हें बरबीघा और शेखपुरा से गिरफ्तार किया है। इसमें सरगुजा पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के बैचमेट का पुलिस टीम को पूरा सहयोग मिला। उन्होंने बताया ठग गिरोह में कुंदन और नितिश तेजतर्रार हैं, जो पल भर में लोगों को लाखों को चूना लगा देते थे।
गुजरात व उत्तराखंड पुलिस ले गई चार ठगों को
संयुक्त टीम ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार 48 घंटे का कैंप कर वहां की वेश-भूषा एवं स्थानीय भाषा का उपयोग कर शेखपुरा पुलिस के सहयोग से अंतर्राज्यीय गिरोह को पकड़ा। आरोपितों द्वारा ठगी की घटना कारित करना स्वीकार किया। वहीं गुजरात की पुलिस एक सप्ताह पहले ठगी के दो आरोपितों को गिरफ्तार करके ले गई थी। सरगुजा पुलिस जब पहुंची तो पता चला कि उत्तराखंड की पुलिस भी इसी मामले के दो आरोपितों को गिरफ्तार करके ले गई है। इधर सरगुजा पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद एक नाबालिग सहित नौ ठगों को कब्जे में लिया है। इनके द्वारा देशभर में ठगी की सौ से अधिक वारदातों को अंजाम देने की संभावना बनी है।
आइएमईआइ नंबर ब्लॉक करने पत्राचार
आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने 20 मोबाइल के अलावो 50 अलग-अलग कंपनियों के सिम, 15 एटीएम, एक लाख रुपये से अधिक की रकम के खाता होल्ड कराए गए हैं। पुलिस के हाथ 11 हजार 300 रुपए नगद लगा है। 100 से अधिक सिम व मोबाइल आइएमईआई को ब्लॉक करने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से नोडल अधिकारी को पत्राचार किया गया है।

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