मनेन्द्रगढ़- संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के महा सचिव हरिद्वार सिंह के द्वारा 9 वर्षो से घोषित मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज के संबंध में कोयला मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखा गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में कोरिया जिले का एक शहर है मनेंद्रगढ़ भौगोलिक स्थिति से मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले और छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के मध्य में मनेन्द्रगढ़ शहर आता है। मनेन्द्रगढ़ शहर एसईसीएल के हसदेव क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है। यह पूरा क्षेत्र आजादी के पहले से ही भारत के विकास के लिए काला सोना अर्थात कोयले की आपूर्ति करता आया है। भारत के बड़े बड़े उद्योग यहां के क्षेत्र के कोयले से चलते हैं। आज बड़ी-बड़ी कंपनियों का विकास इसी क्षेत्र के काले सोने से हो रहा है और निरंतर होता रहेगा। प्रतिदिन हजारों टन कोयला आजादी के पहले से इस क्षेत्र से निकाला जा रहा है परंतु यह पूरा क्षेत्र विकास से कोसों दूर है जिस को दृष्टिगत रखते हुए एवं पूरे क्षेत्र के मध्य में मनेंद्रगढ़ होने के कारण 2011 में तत्कालीन कोयला मंत्री प्रकाश जयसवाल के द्वारा मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु घोषणा की गई थी। जिसके बाद एसईसीएल द्वारा सर्वे हुआ तथा वित्तीय सहायता सीएसआर मत से देने की बात कही गई थी परंतु धरातल में आज तक कोई भी कार्य होता नहीं दिख रहा है जिससे हम क्षेत्र के सभी श्रमिक एवं आम जनता काफी दुखी है।

एसईसीएल की सीआईसी फील्ड जिसकी सीमा मध्य प्रदेश के जोहिला क्षेत्र से लेकर छत्तीसगढ़ के बिश्रामपुर क्षेत्र तक है , के बीचो-बीच मनेंद्रगढ़ आता है। यदि मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो जाती है तो पूरे सीआईसी फील्ड चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र में प्रगति की ओर अग्रसर होगा। अतः अतिशीघ्र 9 वर्षो से घोषित स्वीकृत मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रारंभ करने हेतु उचित दिशा निर्देश जारी करने का कष्ट करें दे। जिसकी प्रतिलिपि श्रीमान चेयरमैन/अध्यक् सह प्रबंध निदेशक कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता अध्यक्ष सह प्रबंध निर्देशक एसईसीएल बिलासपुर , निर्देशक क्रमिक कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता , निर्देशक क्रमिक एसईसीएल बिलासपुर , एवं अजय विश्वकर्मा केंद्रीय अध्यक्ष एस के एम एस (एटक) एसईसीएल को भेजी जा चुकी है।

मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की मांग के लिए जिस तरह खुलकर एटक के बड़े नेता हरिद्वार सिंह जी ने पत्र लिखा है जनता के द्वारा लगातार जन आंदोलन बढ़ता जा रहा है। यूनियन नेताओं का साथ आना यह क्षेत्र के लिए बहुत ही हर्ष का विषय है अब भी अगर कोल् इंडिया, केंद्रीय कोयला मंत्री या संबंधित विभाग मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की स्थापना में विलंब करता है तो एक बहुत ही बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी एवं भविष्य में श्रमिकों के द्वारा हड़ताल भी हो सकती है।

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