चिकित्सकों का दावा जीवनरक्षक इंजेक्शन लगाने से नहीं हो सकती मौत

गिरिजा ठाकुर
अंबिकापुर। घुनघुट्टा नदी में मछली मारने के लिए गए युवक को पैर में कुछ काटा, इसके बाद वह अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल में मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा। यहां पर्ची कटाने के बाद डॉक्टर को उसने पैर में कुछ काटने की जानकारी दी और उभरे निशान को दिखाया। जांच के बाद चिकित्सक ने सर्पदंश की संभावना पर युवक को एंटी स्नेक वेनम लगवाने कहा था, कुछ देर बाद उसे खून की उल्टी होने लगी और वह दम तोड़ दिया। स्वजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने से उसकी तबियत बिगड़ गई, उसे आईसीयू में ले जाया गया, यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम पोड़ी खुर्द का सुनील एक्का पिता दलगंजन एक्का 24 वर्ष, बीते शुक्रवार को दिन में 11 बजे घुनघुट्टा नदी में मछली मारने गया था। मछली मारते समय उसे कब क्या काटा, पता ही नहीं चला। बाहर निकलनेे पर पैर में दर्द का आभास होने पर जब वह देखा तो कुछ काटने का निशान था। इसके बाद वह अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल में मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा और स्वयं पर्ची कटाने के बाद चिकित्सक को दिखाया और इसकी जानकारी स्वजन को दी थी। चिकित्सक ने पैर में कुछ काटने से उभरे निशान को देखते हुए सर्पदंश की संभावना व्यक्त की थी। इधर युवक का कहना था कि ढोढ़ सांप काटा होगा। चिकित्सक ने उसे एंटी स्नेक वेनम लगवाने के लिए कहा। इनका कहना है कि इंजेक्शन लगाने से किसी प्रकार का दिक्कत न हो, इस बारे में मृतक ने अपने होशोहवास में चिकित्सक से पूछताछ किया था, जिस पर चिकित्सक ने उसे आश्वस्त किया कि किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। इधर इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही वह खून की उल्टी करने लगा और उसकी तबियत अत्यधिक बिगड़ गई। ऐसे में इनके द्वारा इंजेक्शन से मौत की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि वरिष्ठ चिकित्सक जीवनरक्षक एएसव्ही लगाने मौत के बाद मौत की बात को नकार रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौत का और भी कारण हो सकता है। बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि युवक के मौत का वास्तविक कारण क्या है।  

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