रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)– कन्हर नदी में एनीकट बन जाने के बाद भी जून माह के प्रथम पखवाड़े में नगर में पानी की किल्लत विगत कई वर्षों से महसूस की जाती थी परन्तु इस वर्ष रुक रुक कर बारिश होते रहने के कारण कन्हर नदी नहीं सुखा एवं नगर पंचायत ने राहत की सांस ली परिणामस्वरूप नगर पंचायत की नियमित जलापूर्ति सेवा निर्बाध रूप से हो रही है।
 

गौरतलब है कि नगर पंचायत की नियमित जल प्रदाय व्यवस्था पूर्णतया कन्हर नदी पर आश्रित है ऐसे में विगत कई वर्षों से अप्रैल माह में ही कन्हर नदी के सूख जाने के कारण नगर पंचायत को नियमित जलापूर्ति करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी स्थिति यह हो जाती थी कि मई के दूसरे पखवाड़े एवं जून के प्रथम पखवाड़े में तो पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकरो का सहारा लिया जाता था नगर पंचायत के द्वारा जैसे तैसे जलापूर्ति की जाती थी परंतु इस बार रुक रुक कर बारिश होते रहने के कारण कन्हर नदी नहीं सुखी एवं नगर पंचायत की नियमित पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बाधित नहीं हो पाई। नगर पंचायत के द्वारा सुबह-शाम मिलाकर लगभग 20 लाख लीटर पानी की सप्लाई नियमित रूप से की जाती है परंतु जब पानी की किल्लत होती है तो 5 से 10 लाख लीटर तक ही पानी की आपूर्ति संभव हो पाता था। ऐसे में समझा जा सकता है कि पानी सभी को पर्याप्त नहीं मिल पाता था।

नदी में खुदवाना पड़ता था तालाब- कन्हर नदी के सूख जाने के कारण अप्रैल माह में ही नगर पंचायत को जेसीबी मशीन से नदी में गड्ढा करवाना पड़ता था परंतु यह गड्ढा भी 10 से 15 दिनों में सूख जाता था जिसके बाद पोकलेन मशीन से बड़ा तालाब का निर्माण करवाना पड़ता था यह तालाब भी पर्याप्त पानी नहीं दे पाता था।

एनीकट बना शोपीस- जल संसाधन विभाग के द्वारा साढे आठ करोड़ रुपए लागत से कन्हर में एनीकट का निर्माण कराया गया था जिसका उद्देश्य था कि जब भीषण गर्मी के दिनों में कन्हर नदी में पानी नहीं रहता था तब ऐसे में एनीकट निर्माण के बाद पानी का स्टोरेज संभव हो पाएगा परंतु यह एनीकट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया एवं यह मात्र एक शोपीस रूप में तब्दील हो गया है।
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा की कन्हर नदी के सूख जाने के कारण हमेशा रामानुजगंज वासियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ता था किंतु इस वर्ष बारिश होते रहने के कारण जल संकट का सामना नहीं करना पड़ा और हम सभी राहत महसूस कर रहे हैं परंतु भविष्य में नगर पंचायत कि पेयजल सप्लाई बाधित न हो इसके लिए एनीकट के स्ट्रक्चर में सुधार की आवश्यकता है साथ ही एनीकट के गेट जो बनने के बाद से ही खराब हो गए थे उसे आज तक नहीं बनाया गया है जिससे एनीकट के भीतर पानी का स्टोरेज बहुत कम होता है श्री अग्रवाल ने कहा कि यदि एनीकट के स्ट्रक्चर में सुधार हो जाता है गेट की संख्या में वृद्धि करते हुए पुराने गेटों को दुरुस्त कर दिया जाता है तो आने वाले वर्ष में हमें एनीकट में पानी का भरपूर स्टोरेज मिल सकता है जिससे नगर पंचायत के साथ साथ आमजनो को एनीकट का ज्यादा लाभ होगा।

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