बिश्रामपुर। पखवाड़े भर से एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के आमगांव खदान से तस्करों के सह पर हो रहे कोयला चोरी और प्रबंधन की सूचना के बावजूद पुलिस द्वारा लगातार मामले की अनदेखी कर कोयला चोरों व तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के बाद प्रबंधन ने खुद कार्रवाई करते हुए आमंगाव खदान के बाजू साल्हि ग्राम में हाईस्कूल के समीप खेत में खदान से ग्रामीणों द्वारा चुराकर तस्करों को विक्रय किए गए साढ़े 16 टन कोयला जब्त कर खदान के स्टॉक में डंप कराया है। जब्त कोयले की कीमत करीब पैसठ हजार रुपए आंकी जा रही है।बताया जा रहा है कि वर्तमान में करीब दो से तीन सौ की संख्या में महिला, पुरुष व बच्चे आमगांव खदान में प्रवेश कर पूरे दिन रात कोयला चोरी कर रहे हैं। चोरी के कोयला को  तस्कर खदान के कुछ दूरी पर खरीद उसे रातोंरात अम्बिकापुर व आसपास के कोल डिपो सहित बनारस की मंडियों में ऊंचे दर पर बेच रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा खदान के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसकर कोयला चोरी से हो रहे शासन को नुकसान व सम्भावित खतरे को लेकर खान प्रबंधक ने कई बार स्थानीय पुलिस को मौखिक व लिखित में शिकायत किया है, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर प्रबधंन ने खुद अधिकारियों की टीम गठित कर साढ़े सोलह टन कोयला जब्त किया है। वहीं रेहर गायत्री परियोजना से भी लगातार कोयला चोरी की घटना से स्थानीय पुलिस व त्रिपुरा राइफल व कंपनी के सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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