अंबिकापुर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के आपातकालीन चिकित्सा परिसर में स्थित शौचालय के कमोड में नवजात का शव मिलने से सनसनी फैल गई। यहां सेवा देने वाली नर्सों ने कमोड जाम रहने से शौचालय में पानी भरने की जानकारी अस्पताल अधीक्षक को दी थी। शनिवार की सुबह कमोड की सफाई करने राजेश प्रजापति और सूरज मोगरे पहुंचे और कमोड के अंदर हाथ डाला तो कुछ फंसे होने का संदेह हुआ, जिससे दुर्गंध उठ रही थी। कमोड के गड्ढे में किसी बच्चे का सिर नजर आने पर इसकी जानकारी स्वीपर राजेश प्रजापति ने सफाई करवा रहे अस्पताल के कर्मचारी आशीष साहू को दी। बाद में सावधानी बरतते हुए कमोड को जमीन से तोड़कर उखाड़ा गया तो बच्चे का पैर नजर आया। नर्स की तहरीर पर इसकी सूचना अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र में वार्ड आया राम बाई ने दी। अस्पताल अधीक्षक डा. लखन सिंह भी इसकी सूचना मिलने पर आपातकालीन चिकित्सा परिसर में पहुंचे। सूचना पर एसडीओपी अखिलेश कौशिक, कोतवाली टीआइ राहुल तिवारी, मणिपुर चौकी प्रभारी अनिता आयाम, फोरेंसिक एक्सपर्ट कुलदीप कुजूर भी अस्पताल पहुंचे और परिपक्व नवजात बालक का शव निकलवाकर जांच, कार्रवाई में जुटे थे। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने शव की पांच-छह दिन पुराना बताया है। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि वार्ड में कामन शौचालय है इसमें कमोड लगे हुए हैं। कमोड जाम था। चार-पांच दिन से मरीज और उनके स्वजन की ओर से आ रही शिकायत पर इसकी सफाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद शनिवार की सुबह स्वीपरों को काम पर लगाया गया था, इस दौरान नवजात के फंसे होने की जानकारी मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद दफन करवा दिया है। कमोड में नवजात का शव कैसे पहुंचा, यह पुलिस ही नहीं अस्पताल प्रबंधन के लिए बड़ा सवाल है। अस्पताल में ही नवजात के जन्म या तो मौत के बाद शव को कमोड में डालने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल पुलिस पिछले एक सप्ताह के भीतर अस्पताल में जन्मे व मृत बच्चों के माता-पिता की जानकारी एकत्र कर रही है।आपातकालीन वार्ड के आसपास लगे सीसी कैमरे का फुटेज देखने में अधिकारी दोपहर बाद तक लगे थे।

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