रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) चिलचिलाती धूप एवं 43 डिग्री तापमान में भी आज नगर के उत्साही युवाओं के द्वारा झारखंड एवं बिहार के प्रवासी मजदूरों एवं दूसरे प्रदेशों से छत्तीसगढ़ आ रहे मजदूरों को गर्म भोजन कराने का सिलसिला आज भी जारी रहा। आज भी एक हजार से अधिक मजदूरों को गर्म भोजन मिनरल वाटर तरबूज खीरा केला दिया गया।

 गौरतलब है कि नगर के उत्साही युवा आशीष गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, अनिल ठाकुर भोला, जोली गुप्ता, सिकु सिन्हा के द्वारा विगत 9 दिनों से रामानुजगंज से होकर आने जाने वाले मजदूरों को सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक गर्म भोजन कराया जा रहा था आज भी जारी रहा। रायपुर से रामानुजगंज आने के दौरान एक भी होटल नहीं खुले रहने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले मजदूरों के सामने खाने पीने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी उन्हें मिक्चर बिस्किट से ही काम चलाना पड़ता था इस बीच नगर के उत्साही युवाओं के द्वारा गर्म भोजन कराने से मजदूरों को बड़ी राहत मिली।

मजदूरों को देख कर देते थे होटल बंद- जब ट्रकों से भर भर कर मजदूर छत्तीसगढ़ सीमा तक रायपुर से आ रहे थे तब कई ट्रक ड्राइवरों का जिस होटल में गोपनीय रूप से खाने-पीने का सेटिंग रहता था वहां पर जब ट्रक ड्राइवर के द्वारा गाड़ी रोका जाता था वहां मजदूरों के भीड़ देख कर ही डर के मारे होटलें बंद हो जाती थे ऐसे में ट्रक ड्राइवर के साथ-साथ मजदूर भी भूखे रह जाते थे। रामानुजगंज में गर्म भोजन मिलने पर ट्रक ड्राइवर भी गदगद दिखे।

6 खाना बनाने वालों एवं 10 युवाओं ने संभाला मोर्चा- प्रतिदिन जब रामानुजगंज से हो हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर झारखंड बिहार जा रहे थे वहीं छत्तीसगढ़ के भी मजदूर दूसरे प्रदेशों से आ रहे थे तब उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख गर्म खाना मुहैया कराना एक बड़ी चुनौती थी इसके लिए जहां 6 लोगो की भोजन बनाने वालों की टीम जुटी है वही 10 युवा प्रतिदिन 8 घंटे मजदूरों की सेवा में लगे रहते हैं।

भीषण गर्मी एवं 43 डिग्री तापमान में भी नहीं टूटा युवाओं का हौसला- बिना पंडाल लगाए सिर्फ एक पीपल पेड़ के नीचे नगर के 10 युवाओं के द्वारा सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रवासी मजदूरों को भोजन कराया जा रहा है भीषण गर्मी एवं 43 डिग्री तापमान भी इन युवाओं का हौसला नहीं तोड़ पाई।

सुबह 5 बजे से प्रारंभ हो जाती है तैयारी- प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाने के लिए सुबह 5 बजे से ही तैयारियां प्रारंभ कर दी जाती है ताकि उन्हें सुबह 7 बजे से गर्म खाना मुहैया कराया जा सके।

बिना आर्थिक सहयोग के आपस में चंदा कर भोजन कराने का उठाया बीड़ा- जब नगर के उत्साही युवाओं ने देखा कि रामानुजगंज से हो प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर जा रहे हैं ऐसे में भाइयों को भूख से परेशान होते देखा तो युवाओं ने आपस में ही चंदा कर प्रवासी मजदूरों को गरम भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया एवं 9 दिनों से लगातार प्रवासी मजदूरों को गर्म भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।

कलेक्टर ने भी बढ़ाया हौसला- कलेक्टर संजीव कुमार झा को नगर के युवाओं के द्वारा प्रवासी मजदूरों को गर्म भोजन दिए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने युवाओं का जहां हौसला बढ़ाया वहीं उनके सुरक्षा को लेकर चिंतित होते हुए उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख सैनिटाइजर का बराबर उपयोग कर, माक्स का उपयोग बराबर किए जाने की समझाइश भी दी। साथ ही श्री झा ने कोरेना वायरस संक्रमण किसी प्रकार न फैल सके इसके लिए भी कई प्रकार के दिशा निर्देश समय समय पर देते रहे।

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