चट कर गए घर में रखा अनाज, दो माह से परेशान ग्रामीण, मदद के नाम पर खामोश विभाग

सूरजपुर। जिले के बिहारपुर वनपरिक्षेत्र में पिछले दो महीनों से 23 हाथियों का दल जमकर उत्पात मचा रहा है। 23 हाथियों के दल से अलग होकर आठ हाथियों ने बीती रात ग्राम परसा व महुली में दो घरों को तोड़ दिया और घरों में रखे अनाज सहित कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को खा कर चट कर गए। हाथियों ने दो माह में क्षेत्र के दर्जनों गांवों में लगी फसलों को खाकर हजम कर लिया है। दिन भर जंगल में रहने के बाद हाथी शाम होते ही गांव में धावा बोल ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर रहे हैं। हाथियों की दहशत से ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं। यहां पदस्थ वन विभाग व उद्यान विभाग के अधिकारी-कर्मचारी हमेशा गायब रहते हंै। जानकारी के अनुसार दो महीनों से गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान पार्क क्षेत्र महुली अंतर्गत ग्राम पंचायत महुली, परसा, करौटी, खैरा, उमझर, पासल, कछिया, जुड़वनिया, रसौकी, मोहरसोप, नवडीहा, बसनारा, छतरंग सहित उद्यान जंगल क्षेत्र व आसपास के गांव में हाथी डेरा डाले हुए हैं। बुधवार देर शाम को गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय महुली में बैजनाथ साहू, ग्राम परसा के श्याम लाल साहू के घर को तोड़कर हाथी घर में रखे अनाज व महुआ को चट कर गए। जिले में हाथियों की समस्या से ग्रामीणों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। अलग-अलग दल में बंटे हाथियों का दल ग्रामीणों के खेत बाड़ी घर पर कहर ढा रहे हैं, वही कई ग्रामीणों को मौत के घाट उतार चुके है। परेशान ग्रामीण अपने जान-माल के सुरक्षा की खातिर तरंगित तार का उपयोग कर रहे हैं, जो हाथियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। कई हाथियों की जान जा चुकी है।
जिम्मेदार बंद कर देते है मोबाइल
जनप्रतिनिधियों ने बताया जब भी हाथी गांव में आकर आतंक मचाते हैं, इसकी सूचना देने पर संबंधित विभाग का वहां पहुंचना तो दूर मोबाइल तक बंद कर देते हैं। दो महीने से ग्रामीण हलाकान हैं। विभाग से किसी तरह की कोई मदद नहीं मिलने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष है।
निष्क्रियता से वन्यजीवों का हो रहा शिकार
जिले के वन विभाग के आला अफसरों की निष्क्रिया से जंगल तो साफ हो ही रहे हैं, वन्यजीव का शिकार कर उनके खाल अन्य राज्यों में बेचे जा रहे हंै। क्षेत्र में हो रही वन्यजीवों की मौत के बाद भी जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठा है। हाथियों को करंट लगाकर मारने वालों पर खासी मेहरबानी बरती जा रही है। कुछ दिनों पहले तेंदुआ सहित बाघ के खाल की खरीद-बिक्री पर दोनों का खाल बरामद कर कुछ आरोपित पकड़े गए थे, जबकि मुख्य आरोपित अभी भी फरार है। इसे अफसरों ने अनदेखा कर मानो अभयदान दे दिया हो।

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