रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पचावल में रेत ठेकेदार के मनमानी के विरोध में विगत 4 दिनों से सैकड़ों ग्रामीण पांगन नदी में ही टेंट लगाकर 24 घंटे धरने में बैठ गए हैं स्थिति यह है कि रात में भी सैकड़ों लोग नदी में ही रुक रहे हैं वहीं खाने-पीने की भी व्यवस्था वहां ही हो रही है। ग्राम पंचायत त्रिशूली में भी बिना लीज एरिया में उत्खनन करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है यहां भी ग्रामीण कभी भी आंदोलन का रुख अख्तियार कर सकते हैं।

                                 

    गौरतलब है कि सनावल क्षेत्र में जब से पांगन नदी में रेत का ठेका हुआ है तब से लेकर लगातार ग्रामीण एवं ठेकेदार के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है परंतु प्रशासन के द्वारा सकारात्मक हस्तक्षेप के अभाव में यह टकराव बढ़ते जा रहा है स्थिति यह है कि ठेकेदार की मनमानी बढ़ते जा रही है तो वहीं ग्रामीणों का भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिसका नतीजा ग्राम पंचायत पचावल में देखा गया जहां विगत 4 दिनों से सैकड़ों ग्रामीण नदी में ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं ग्रामीणों के धरने में बैठने के बाद रेत उत्खनन तो रुक गया है परंतु ग्रामीणों का वार्ता अब तक प्रशासन से नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जहां पर उत्खनन हो रहा है उस एरिया का लीज नहीं है वही 20 से 25 फीट गड्ढा भी कर दिया जा रहा है यहां तक की पोकलेन जेसीबी 24 घंटे चल रहे हैं ग्रामीणों को मजदूर में  नहीं लगाया जा रहा है। इस दौरान जनपद सदस्य रामजीत गौड़, विद्यासाग,र बलदेव यादव देव कुमार, यादव लाल बहादुर पंडो भगवानदास खेरवार सुंदर देव यादव महेंद्र आयाम सहित सैकड़ों ग्रामीण धरना प्रदर्शन में उपस्थित रह रहे है।

दो मासूम सहित चार लोगों की गड्ढे में डूबने से हो हो चुकी है मौत- ग्रामीणों ने बताया कि विगत दो-तीन वर्षों में अवैध उत्खनन से हुए गड्ढे में डूबने से गांव के रामपाल की 4 वर्षीय मासूम बच्ची एवं लल्लू के 5 वर्षीय पुत्र की मौत डूबने से हो गई है वहीं बसंती उम्र 35 वर्ष एवं बाल देव उम्र 40 वर्ष की भी मौत गड्ढे में डूबने से हो गई है ग्रामीणों को आशंका है कि बड़े-बड़े गड्ढे होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

 एक ओर यूपी में 22 अरब का बांध दूसरी तरफ नदी में गड्ढे ग्रामीण है भयभीत- एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के अमवार में 22 अरब का का बांध बन रहा है जो उत्खनन एरिया से महज 10 किलोमीटर दूरी पर है ऐसे में ग्रामीण भयभीत हैं कि जिस नदी में बांध बन रहा है उसी नदी में ठेकेदार के द्वारा गड्ढा कर दिया जा रहा है ऐसे में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

जहां राज्यसभा सांसद ने किया था पौधारोपण उसे भी उखाड़ कर बना लिया टू लेन सड़क- राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम राज्यसभा में प्रमुखता से अवैध रेत उत्खनन का मामला उठा चुके हैं वहीं उन्होंने ग्रामीणों के साथ ग्राम पंचायत व चावल में जहां वन विभाग का प्लांटेशन था प्लांटेशन को उखाड़कर ठेकेदार के द्वारा टू लेन सड़क का निर्माण कर दिया गया था वहां से सैकड़ों समर्थकों के साथ रामविचार नेताम के द्वारा पौधारोपण किया गया था परंतु उनके लगाए पौधों को उखाड़कर पुनः टू लेन सड़क बना दिया गया।

धरना स्थल में रात दिन हो रहे हरि कीर्तन- ग्राम पंचायत व चावल में स्थिति ऐसी है कि ग्रामीण धरने पर तो बैठे ही हैं खाना पीना भी धरना स्थल में ही बन रहा है वहीं ग्रामीण हरमुनियम तबला लेकर रात दिन हरि कीर्तन भी कर रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यहां बालू खनन बंद नहीं होगा तब तक हम लोग का धरना खत्म नहीं होगा।

समर्थन देने पहुंचे जनप्रतिनिधि- 4 दिनों से चले आ रहे हैं धरना प्रदर्शन को अपना समर्थन देने छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष उदय कुमार पंडो अपने समाज के लोगों के साथ पहुंचे तो वही गौठान स्थाई समिति के सभापति रामचरित्र सोनवानी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष सनावल मुंद्रिका सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उदय कुमार पंडो ने कहा कि हमारे जनजाति भाइयों के साथ रेत उत्खनन के नाम पर अत्याचार एवं अन्याय हो रहा है जिसे हम जनजाति के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे श्री पंडो ने बताया कि ग्राम त्रिशूली में हमारे जनजाति के भाई हीरालाल पंडो की निजी भूमि को भी रेत ठेकेदार के द्वारा उत्खनन कर दिया गया। अगर ऐसी मनमानी होती रही तो हम जनजाति के लोग आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

इस संबंध में राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि जिस प्रकार से शासन प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी त्रिशूली कुंदरू एवं पचावल में रेत का अवैध कारोबार हो रहा है यह सब ऊपर के शह पर हो रहा है जिस कारण प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी कार्यवाही नहीं कर रही है श्री नेताम ने रघुनाथ नगर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा किए गए आंदोलन के बाद एफ आई आर दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की है श्री नेताम ने कहा कि यदि प्रशासन अवैध रेत उत्खनन को रोकने के बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने का काम कर रही है। प्रदेश में जो स्थिति चल रही है वह बहुत ही दुर्भाग्यनक है। ऐसी   कार्यवाही से जनता का विश्वास शासन प्रशासन से उठ रहा है।

Categorized in: