अधिकारी कह रहे-गुणवत्ता में कोई कमी नहीं

बिहारपुर। शासन ने लंबे इंतजार के बाद कोरिया को जोड़ने वाली बिहारपुर-रसौकी सड़क निर्माण की स्वीकृति दी है। इसके बाद विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से सड़क का निर्माण भी प्रारंभ करा दिया है, लेकिन दूरस्थ इलाका होने के कारण निर्माण के नाम पर जमकर खानापूर्ति की जा रही है। सूरजपुर जिलांतर्गत ओड़गी ब्लॉक का दूरस्थ चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र आवागमन एवं मूलभूत सुविधाओं के मामले में प्रारंभ से उपेक्षित रहा है। काफी मशक्कत के बाद पहली बार वर्ष 2008 में बिहारपुर-रसौकी मार्ग निर्माण की स्वीकृति मिली, तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। विभाग की लापरवाही के कारण 23.9 किलोमीटर सड़क बनने में पांच साल लग गए। इसके बाद सड़क उखड़ने लगी। एक-दो साल बाद बड़े-बड़े गड्डों में सड़क तब्दील हो गई। कुछ समय बाद इस मार्ग का पुल-पुलिया भी ध्वस्त हो गया। क्षेत्रवासियों ने सड़क का मुद्दा कई बार उठाया, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। विधानसभा चुनाव के पूर्व शासन द्वारा 23.9 किलोमीटर लम्बी सड़क के नवीनीकरण के लिए 7.16 करोड़ की स्वीकृति प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को दी तो अधिकारियों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ कराया। पूर्व की लापरवाहियों से सबक लेकर विभाग द्वारा इस बार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण विभाग के अधिकारी व ठेकेदार निर्माण के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। पुरानी सड़क की डामर व गिट्टी खोदने के बाद इसे समतल कर सड़क का डब्ल्यूबीएम किया जा रहा है। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता व भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नवीनीकरण के तहत पुरानी सड़क का मलबा हटाए बिना डामरीकरण किया जाता है। शासन से मिली स्वीकृति के अनुसार निर्माण कराया जा रहा है। इस तरह की सड़क मेें क्षेत्रवासी कितने महीने आवागमन कर पाएंगे, यह चर्चा का विषय बन गया है।

रिटर्निंग वॉल निर्माण में खानापूर्ति
बिहारपुर-रसौकी मार्ग में नदी-नालों के किनारे एवं गहरे हिस्सों में दुघर्टना से सुरक्षा के लिए जगह-जगह रिटर्निंग वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। रिटर्निंग वॉल के निर्माण में ठेकेदार द्वारा महुली के हड़दोआपारा नाला के किनारे एक तगाड़ी सीमेंट, 8 तगाड़ी गिट्टी एवं 8 तगाड़ी रेत का मिश्रण एवं कोल्हुआ में खीरो नदी के पास एक तगाड़ी सीमेंट, 6 तगाड़ी गिट्टी एवं 6 तगाड़ी रेत का मिश्रण करके ढलाई की जा रही है। निर्माण में लगे गांव के मजदूरों ने गुणवत्ताहीन निर्माण पर आपत्ति जताई तो ठेकेदार ने उन्हें काम से  निकाल दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण गुणवताहीन निर्माण का खुला विरोध कर रहे हैं लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं है। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण विभाग के अधिकारी भी स्थल निरीक्षण करने नहीं पहुंच रहे है। ठेकेदार द्वारा दो रिटर्निंग वॉल का निर्माण पूरा कर दिया गया है, जबकि दो का निर्माण चल रहा है।
बयान
बिहारपुर-रसौकी मार्ग का निर्माण शासन से मिली स्वीकृति के अनुसार गुणवत्तायुक्त कराया जा रहा है। रिटर्निंग वॉल के निर्माण में भी गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है। मैं स्वयं तीन दिन में स्थल का निरीक्षण करता हूं।
प्रवीण सिंह, एसडीओ पीएमजीएसवाय सूरजपुर

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