बिश्रामपुर। गर्मी से राहत पाने और दोस्तों संग मस्ती करने की चाह में दो किशोरों ने एनीकट की ओर रुख तो किया, लेकिन शायद किस्मत ने उन्हें वापस लौटने का मौका नहीं दिया। रामनगर के मोहरा एनीकट में बुधवार की दोपहर 15 वर्षीय अविनाश देवांगन और भानु निषाद की डूबने की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। दोनों बच्चों की गहराई में लापता होने के बाद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, और डैम के किनारे मातम पसरा हुआ है। गौरतलब है कि सुरजपुर के भट्ठापारा मोहल्ले में रहने वाले 15 वर्षीय अविनाश देवांगन पिता सुशील उर्फ बबलू देवांगन और हमउम्र भानु निषाद पिता स्व. कन्हैया निषाद अपने कुछ दोस्तों के साथ रामनगर पंचायत के मोहरा एनीकट में नहाने गए थे। छुट्टी के दिन की यह योजना शुरू तो हुई थी मस्ती से लेकिन अचानक सब कुछ थम गया। बताया जा रहा है कि नहाते समय दोनों किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया, मदद के लिए पुकारा लेकिन कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए। दोस्तों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। जैसे ही खबर घर पहुंची, अविनाश की मां और दिव्यांग छोटे भाई की चीखें आस-पास गूंजने लगीं। भानु के परिवार का तो जैसे पहले ही सब कुछ लुट चुका है। पिता नहीं रहे और मां दूसरों के घरों में काम कर बच्चों को पाल रही थीं। दोनों परिवारों के लिए यह हादसा आर्थिक और भावनात्मक दोनों ही स्तर पर बड़ा आघात है। परिजन की सूचना पर बिश्रामपुर पुलिस और सूरजपुर कोतवाली ने तत्काल एक्शन लिया और नगर सेना की डीडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन बारिश से बढ़ा जलस्तर, नदी में बने गहरे गड्ढे और तेज बहाव ने बचाव कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। जानकारी के अनुसार डैम के जिस हिस्से में यह घटना हुई, वहां रेत माफियाओं की अवैध खुदाई के चलते 25 फीट तक का गड्ढा बन गया है। वहीं बीते सप्ताहभर से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नदी को और भी अप्रत्याशित व खतरनाक बना दिया है। ज्ञात हो कि रामनगर मोहरा एनीकट में पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुका है। यहां हर सप्ताह आसपास के गांवों से लोग पिकनिक, स्नान व सैर-सपाटे के लिए लोग आते हैं। अविनाश के परिवार में उसका छोटा भाई दिव्यांग है। मां-बाप की उम्मीदें अविनाश पर टिकी थीं, जो आगे चलकर घर की जिम्मेदारी संभालता। वहीं भानु के पिता का देहांत पहले ही हो चुका है और मां दूसरों के घरों में काम कर किसी तरह परिवार चला रही थीं। इन दो किशोरों के डूबने की खबर ने दो परिवारों के भविष्य पर ताला जड़ दिया है। देर शाम तक दोनों किशोरों का कोई सुराग नहीं लगने से अंधेरा की वजह से रेस्क्यू टीम वापस लौट गई है और अब गुरुवार 29 मई की सुबह पुनः रेस्क्यू कार्य शुरू किया जाएगा।

 

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