अंबिकापुर। लखनपुर थाना प्रभारी, प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी को प्रशिक्षण अवधि पूरा होने के बाद भारमुक्त कर दिया गया है। वहीं लखनपुर थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज प्रजापति बनाए गए हैं। अचानक थाना लखनपुर के प्रभारी बतौर सेवा दे रहे प्रशिक्षु डीएसपी को भारमुक्त किए जाने को एक दिन पहले ही थाना में हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो में धमकी भरे लहजे में दी गई चेतावनी को थाना प्रभारी को प्रभार मुक्त करके साकार करने का काम किया गया है। पुलिस अधिकारी भले ही प्रशिक्षु डीएसपी के प्रशिक्षण अवधि पूरा होने का गाल बजाएं, लेकिन आनन-फानन में नए निरीक्षक को थाने का दायित्व सौंपने को हाल में लखनपुर थाना क्षेत्र के अमेरा कोल खदान से कोयला और कबाड़ चोरी के मामले व डकैती की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में कई ग्रामीणों पर डकैती की धारा के तहत कार्रवाई की थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बीते लखनपुर के एक भाजपा नेता से की थी। इसके बाद वे ग्रामीणों के साथ थाना पहुंचे। यहां आने के बाद जो परिदृश्य सामने आया, वह कानून के रखवालों के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता है।

एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति लखनपुर थाने में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है, दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यह देख कर दु:ख हुआ, कि प्रशासन की व्यवस्था लोग अपने हाथ में लेना चाह रहे हैं, जिससे कानून की स्थिति बिगड़ती है और लॉ एण्ड आर्डर को कायम रखना मुश्किल होता है। ये कैसे हुआ, क्यों हुआ और क्या ऐसा होना चाहिए, यह मैं नागरिकों के विवेक पर छोड़ता हूं। नागरिकों को लखनपुर थाना का वीडियो देखना चाहिए और सोचना चाहिए कि इस मामले में कैसे शासन और प्रशासन को कदम उठाना चाहिए। पूरी घटना दुर्भाग्यजनक है। ऐसा नहीं होना चाहिए और सबको संयम रखकर व्यवहार करना चाहिए।

टीएस सिंहदेव, पूर्व उपमुख्यमंत्री
ईमानदार अधिकारियों पर खुलेआम बना रहे दबाव, रातों रात करवा रहे तबादला-कांग्रेस

सरगुजा संभाग में बढते अपराध और जनप्रतिनिधियों के रसूखदार रिश्तेदारों के द्वारा अपराधियों के पक्ष में प्रशासन व पुलिस पर बनाये जा रहे दबाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री बालकृष्ण पाठक, अजय अग्रवाल, जेपी श्रीवास्तव, शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा, डॉ. अजय तिर्की, राकेश गुप्ता, हेमंत सिन्हा एवं विनय शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि भाजपा की सरकार आने के साथ ही अचानक सरगुजा संभाग में आपराधिक घटनाओं की बाढ़ आ गई है। जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार, पुलिस के ईमानदार अधिकारियों पर अपराधियों के खिलाफ की जा रही कारवाई के विरोध में खुलेआम दबाव बना रहे हैं और रातों रात उनके तबादले करवा रहे हैं। आम नागरिक भयक्रांत है कि कब किधर से युवाओं का गैंग उन पर हमला कर दे या पेट्रोल बम फेंक दे। नागरिक भयक्रांत है अपने नौनिहालों को लेकर कि कहीं कोई अपराधी उनका फिरौती के लिए अपहरण कर प्रतापपुर जैसी घटना को अंजाम न दे डाले। लोग भयभीत हैं कोई अपराधी घर में अकेले बैठी महिला पर गोली न चला दे। प्रशासन और कानून तो वही है जो भाजपा के शासन में आने के पहले मौजूद था, फिर अचानक भाजपा के शासन में आने के बाद ऐसा क्या हुआ कि चारों ओर दहशत का माहौल है। लखनपुर थाने में एक कर्तव्य परायण अधिकारी के साथ ड्यूटी दौरान जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार गाली-गलौज करते हैं और अपराधियों को छोड़ने का दबाव बनाते हैं। प्रतापपुर में एक मासूम की फिरौती और हत्याकांड में शामिल व्यक्ति तथाकथित रुप से सोशल मीडिया पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर सत्ताधारी दल के युवा संगठन से जुड़ा हुआ है। लखनपुर कांड में जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार जिन लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, बताया जा रहा है कि वे उनके ही कर्मचारी हैं और कोयला चोरी का काम करते हैं। ये वे तथ्य हैं जो बताते हैं कि सत्ताधारी दल के लोग ही अपराध को संरक्षण दे रहे हैं। कांग्रेस समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए इन परिस्थितियों के विरुद्ध संघर्ष की है और आगे भी करेगी। कांग्रेस ने आम नागरिक मंचों से भी आह्वान किया है कि वे भी इस भय के माहौल से समाज को छुटकारा दिलाने के लिए आगे आएंं, कांग्रेस भी संघर्ष में उनके साथ रहेगी।

भाजपा नेताओं के गिरफ्तारी की मांग, युवक कांग्रेस ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

डकैती के आरोपित भाजपा कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए अंबिकापुर विधायक के भाई द्वारा प्रशिक्षु डीएसपी से दुर्व्यवहार और धमकी के मामले में आरोपित भाजपा नेताओं के गिरफ्तारी की मांग को लेकर युवा कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष विकल झा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि इंटरनेट मीडिया में प्रसारित वीडियो में लखनपुर थाना में घुसकर विधायक राजेश अग्रवाल के बड़े भाई भाजपा नेता विजय अग्रवाल के द्वारा प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक, जो लखनपुर थाना प्रभारी भी थे, उनसे दुर्व्यहार करते व धमकी देते नजर आ रहे हैं। विधायक के भाई अमेरा खदान में डकैती के आरोपी भाजपा कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए पुलिस पर दबाव बना शासकीय और पदीय दायित्व का निर्वहन करने से रोक रहे थे। पुलिस कर्मियों से दुर्व्यवहार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई न कर प्रशिक्षु पुलिस अधीक्षक को ही थाना प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। इस तरह के कृत्य सेअपराधियों का मनोबल बढ़ा है। युवक कांग्रेस ने विधायक के भाई पर कानून सम्मत कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर युंकाइयों ने बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में आशीष वर्मा, दिनेश शर्मा, रजनीश सिंह, उत्तम राजवाड़े, अविनाश ठाकुर, विकास केशरी, आकाश अग्रहरि, हिमांशु अग्रवाल, सतीश घोष, केदार यादव सहित युवक कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।

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