एएनएम के द्वारा 40 हजार रूपये देने के बाद भी बिल का भुगतान नहीं

अंबिकापुर। राजमाता श्रीमति देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल में मेडिकल बिल पास करने के नाम पर भारी-भरकम उगाही शाखा प्रभारी ‘चिकित्सा प्रतिपूर्ति के द्वारा करने का मामला सामने आया है। एक कमरे में बैठकर लंबे समय से अस्पताल प्रबंधन के नाक के नीचे चल रही इस अवैध कारगुजारी का पर्दाफास उस समय हुआ जब विभाग की ही एक एएनएम से 40 हजार रुपये लेने के बाद भी बिल का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया। इसके पहले भी एक पीड़ित से लंबी रकम की मांग करने का मामला सुर्खियों में आया था, यह मामला बाद में दब गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धौरपुर के कुन्दीकला में पदस्थ एएनएम किरण एक्का ने विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया है कि जून 2023 में उन्होंने अपने पति के इलाज हेतु चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल जमा किया था। शाखा प्रभारी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के द्वारा उन्हें कहा गया कि 40 हजार रुपये देना पड़ेगा। किरण एक्का ने बिल पास कराने के चक्कर में मांग की गई रकम शाखा प्रभारी चिकित्सा प्रतिपूर्ति को दे दी। इसके बाद भी आज दिनांक तक संबंधित बिल का भुगतान नहीं हो पाया है। एएनएम ने शाखा प्रभारी से बिल पास कराने अथवा पैसा वापस कराने का निवेदन किया है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद जहां एक ओर अस्पताल प्रबंधन की किरकिरी हो रही है, वहीं किसी बीमार के चिकित्सा प्रतिपूर्ति ‘क्लेमÓ की राशि का भुगतान कराने के नाम पर चल रहे गोरखधंधे ने जिम्मेदार पद पर बैठे शाखा प्रभारी की अब तक की कारगुजारियों को सवालों के घेरे में ला दिया है।

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कहा-निंदनीय कृत्य
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सरगुजा के पदाधिकारियों ने बुधवार को संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अस्पताल अधीक्षक व सिविल सर्जन से मुलाकात करके बताया कि शासकीय कर्मचारियों द्वारा ईलाज में होने वाले खर्च का पैसा, कर्मचारियों द्वारा संबंधित अस्पताल, संस्था को भुगतान करने के बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल शासन के नियमानुसार जमा किया जाता है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल पास करने के बदले में उगाही करना निंदनीय एवं आपत्तिजनक होने के साथ कर्मचारियों का शोषण तथा मानवीय दृष्टि से मानवता को शर्मशार करने वाला कृत्य है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल पास करने के बदले पैसों का मांग करना भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। आशंका व्यक्त की गई है कि पैसा लेकर बिल पास करने में और अनियमितता बरती गई होगी। गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं को लाभ देकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई होगी। जनहित व कर्मचारी हित में चिकित्सा प्रतिपूर्ति शाखा के प्रभारी को उक्त शाखा से हटाते हुए समिति का गठन कर नियमानुसार जांच, कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।

कमेटी बनाकर कार्रवाई के दिए निर्देश
संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने 28 फरवरी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरगुजा को पत्र प्रेषित करके उल्लेखित किया है कि आनंद सिंह यादव सहायक ग्रेड-3 के द्वारा शासकीय कर्मचारियों से मेडिकल बिल पास कराने के बदले पैसा लेने के संबंध में शिकायत पत्र कार्यालय को प्राप्त हुआ है। शिकायत पत्र का सूक्ष्मता से अवलोकन व परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने एवं की गई कार्रवाई से कार्यालय को अवगत कराने कहा गया है। अस्पताल अधीक्षक ने भी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल को कमेटी बनाकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अस्पताल के चिकित्सा प्रतिपूर्ति शाखा में चल रहे घालमेल की जांच में पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति के शाखा प्रभारी से संपूर्ण शासकीय दस्तावेज जब्त करके उन्हें प्रभार मुक्त करने की मांग छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष धनेश प्रताप सिंह, महामंत्री अनिल कुमार पांडेय ने की है।

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