मध्य प्रदेश : छतरपुर जिले के पिपौरा गांव में एक परिवार में तीन सगी बहनों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिवार के सदस्यों ने घर में बना बैंगन का भरता और रोटी खाया था। इसके बाद अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और इलाज के दौरान तीन बहनों की जान चली गई। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
खाना खाने के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
मामला मातुगवां थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। बालमुकुंद कुशवाहा के परिवार में करीब 10 से 15 सदस्य हैं, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। परिजनों के अनुसार सभी ने घर पर तैयार बैंगन का भरता और रोटी खाई थी। खाना खाने के बाद परिवार के लोग सो गए।रात करीब 3 बजे एक बच्ची शौचालय गई और वापस आकर सो गई। सुबह करीब 7 बजे उसने चाय पी, जिसके कुछ समय बाद उसे उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। इसी दौरान परिवार की दूसरी बेटी की भी तबीयत खराब हो गई।
इलाज के दौरान दो बहनों की मौत
दोनों बच्चियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में तीसरी बच्ची 9 महीने की चाहत थी। बताया गया कि उसने खाना नहीं खाया था और केवल दूध पिया था।इसके बावजूद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन पहले उसे झाड़-फूंक के लिए ले गए और बाद में अस्पताल की ओर रवाना हुए। अस्पताल पहुंचने से करीब 2 किलोमीटर पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया।मृत बच्चियों की पहचान पूनम, मनीषा और चाहत के रूप में हुई है।
कब्र से बाहर निकाले गए तीनों शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पिपौरा गांव पहुंची।तीनों बहनों के शवों को कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रशासन का उद्देश्य मौत की वास्तविक वजह का पता लगाना है।
खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
मामले में खाद्य विभाग और FSL की टीम ने परिवार के घर पहुंचकर खाने के नमूने भी एकत्र किए हैं। इन सैंपलों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तीनों बहनों की मौत किसी खाद्य पदार्थ से हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।