अंबिकापुर। बुधवार को कड़क धूप के साथ उमस भरी बेचैनी के बीच धूप-छांव की आंखमिचौली चलती रही, दोपहर बाद अचानक मौसम करवट बदला और उमड़ते मेघ, गरजते बादल, कौंधती बिजली का नजारा के साथ हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। बेमौसम बारिश के कारण शहर की कई सड$कें जलमग्न हो गई। सरगुजा संभाग में कई जगह आकाशीय बिजली के गिरने से ग्रामीणों के अलावा मवेशियों की मौत हो गई।
बुधवार की शाम को बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के वाड्रफनगर में आकाशीय बिजली गिरने से पिता-पुत्र सहित परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। आकाशीय बिजली की चपेट में लगभग डेढ़ दर्जन मवेशी भी आ गए, जिससे इनकी भी मौत हो गई है। कई मवेशी घायल हुए हैं। वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम मझौली, जोगियानी, सुलसुली में आकाशीय बिजली का कहर जमकर बरपा। एकाएक मौसम बदलने के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से ग्राम मझौली निवासी 11 वर्षीय दयाराम अगरिया और जोगियानी निवासी 30 वर्षीय श्रीराम पण्डो, 13 वर्षीय रोहित पण्डो आ गए और इनकी मौत हो गई। श्रीराम और रोहित दोनों पिता-पुत्र हैं। इसके अलावा गोपालपुर में पेड़ के नीचे बंधे एक मवेशी के ऊपर आकाशीय बिजली गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई। संभाग के विभिन्न जिले से सामने आ रही खबरों को देखने के बाद सामने आया कि बारिश के बाद जहां उमस और गर्मी से लोग राहत महसूस कर रहे थे, वहीं आफत बनकर गिरी बिजली ने न जाने कितने घरों की खुशियां छीन ली होगी।
नालियों के सफाई व्यवस्था की पोल खुली
अंबिकापुर में कई सड़कें मानसून के आगमन पूर्व जलमग्न हो गई, जिससे नालियों की लम्बे समय से चल रही सफाई की पोल खुल गई। कलेक्टर बंगला के पीछे प्रतापपुर रोड सहित कई मार्गों में नालियों का पानी कचरों के साथ सड़क पर बहते नजर आया, जिससे लोग नाक, भौं सिकोड़कर सफर तय करते नजर आए। पुराना बस स्टैंड में लॉज के सामने से पोस्टऑफिस मार्ग तक, कैलाश मोड़ सत्तीपारा में तालाब का परिदृश्य देखने को मिल रहा था, जिससे वाहनों का गति थम गई और जाम की स्थिति बन गई। जयस्तंभ के पास बिजली के खंभे में आग लगने की नजारा भी देखने को मिला।
अंबिकापुर में 4.8 मिमी बारिश
मौसम विभाग ने अंबिकापुर में 4.8 मिमी बारिश दर्ज किया है, वहीं अधिकतम तापमान गिरकर 38.1 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का मनना है कि मानसून पूर्व की एक्टिविटी व बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है। आने वाले एक-दो दिनों तक तापमान में वृद्धि की संभावना नहीं है। मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि मानसून पूर्व एक्टिविटी के कारण पिछले कुछ दिनों से सुबह से दोपहर तक तेज धूप निकल रहा है, इसके बाद अचानक मौसम बदल जा रहा है। तेज हवा के साथ-साथ बूंदाबांदी हो रही है। वहीं बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवा के कारण उमस जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच बुधवार की सुबह से बादल व धूप के बीच उमस की स्थिति बनी थी। दोपहर 3 बजे के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
पिछले कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। पूरे दिन तेज धूप व उमस भरी गर्मी के बीच दोपहर बाद मौसम बदल रहा हैं। इस कारण बच्चे उल्टी-दस्त व सर्दी बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। नौतपा 25 मई से शुरू होने वाला है, इससे पूर्व मानसून की एक्टिविटी बदलने से तापमान में गिरावट आ गई है। हालांकि नौतपा के दौरान तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि इस वर्ष मानसून समय से लगभग 1 सप्ताह पूर्व आने की उम्मीद है। अगर बीच में मानसून का ब्रेक नहीं लगा तो समय से पूर्व मानसून आने की उम्मीद है।

 

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