राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों से बलात्कार, छेड़छाड़ और अन्य अपराध करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इतना ही नहींं, आरोपियोंं के कैरेक्टर सर्टिफिकेट में इसका उल्लेख भी​किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसका ऐलान करते हुए कहा कि महिलाओं से अपराध करने के आरोपियों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा।

सीएम भूपेश बघेल ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में साहित्यिक क्षेत्र में तीन श्रेणियों में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी सम्मान देने की घोषणा की। पहली श्रेणी में छत्तीसगढ़ी तथा अन्य बोली जैसे गोंडी, हल्बी, सरगुजिया में लिखे गए साहित्य, दूसरी श्रेणी में हिंदी पद्य और तृतीय श्रेणी के अंतर्गत हिंदी गद्य…। हर श्रेणी में सम्मानित साहित्यकारों को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। सीएम ने रेशम कीट पालन, मधुमक्खी पालन को कृषि का दर्जा देने की भी घोषणा की है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने हायर स्टडी सेंटरों से ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट कक्षाओं में पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को घर से कॉलेज आने-जाने के लिए निःशुल्क बस परिवहन की सुविधा भी सरकार द्वारा दी जाएगी।

पंजीकृत मजदूरों को 1500 रुपये पेंशन

सीएम भूपेश बघेल ने शहरी स्वच्छता दीदी और सामुदायिक संगठकों के मानदेय में 20% की बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 60 वर्ष पूरी करने वाले तथा 10 साल तक पंजीकृत रहे मजदूरों को जीवनभर 1500 रुपये हर महीने पेंशन दी जाएगी। आईटीआई में कार्यरत संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों को  25780 रुपये के बजाय अब 32740 रुपये तनख्वाह मिलेगी। वहीं मेहमान प्रवक्ताओं को अब हर महीने 15 हजार रुपये मिलेंगे। गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री बघेल की इन घोषणाओं को चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बता दें कि, इससे पहले बीते सप्ताह राजस्थान सरकार ने भी ऐसा ही कदम उठाते हुए मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित करने का फैसला लिया था।

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