रायपुर । जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता व जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने कश्मीर के मुद्दे पर फिर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा की भारत और पाकिस्तान के विवाद को सुलझाने द्विपक्षीय वार्ता होनी चाहिए खुली बात चीत होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो कश्मीर का हश्र गाजा और फिलिस्तीन की तरह होगा। उनके इस बयान का राजनीतिक हलकों में खासा विरोध किया जा रहा है उनके इस बयान पर लगातार पलटवार का दौर जारी है।

रायपुर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अकबर अली ने भी उनके इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा की सालों से कुछ परिवार और दल कश्मीर की आवाम के दिलो पर डर बना कर राज चलाते आ रहे हैं और वहां के सभी राजनीतिक दल एक सिंडिकेट के एजेंट की तरह काम करते हैं ताकि आवाम को भड़का कर घाटी का माहौल आतंकित करने वाला बने रहे और वे अपनी राजनीतिक रोटियां सेक सकें। लेकिन फारुख अब्दुल्ला या इस देश में जो भी मुस्लिमो का नुमाइंदा बनने का दिखावा करता है। असल मायने में वे सभी तुष्टिकरण के माध्यम से उन्हें उपयोग कर वोट बैंक बनाने की राजनीति करता है। परंतु भारत का मुस्लिम आज मोदी के साथ खड़ा है। सबका साथ , सबका विकास , सबका विश्वास की नीति के साथ चल रहा है देश के चहूंमुखी विकास में अपना भरपूर योगदान दे रहा है। फारुख अब्दुल्ला ही नही इस देश के खिलाफ अनर्गल बयान देने वाली ताकतें अब जान लें यह नया भारत है घर में घुस कर मारता है। इस तरह की किसी भी अलगाववादी सोच का ही नही दुश्मन देशों का इलाज करना भी भली भांति जानता है। मेरी निजी नसीहत है उन सभी देश विरोधी आवाजों और ताकतों से की वक्त रहते संभल जाएं अन्यथा अंजाम बहुत ही बुरा होगा।

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