अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी मैदान बना सपना, गड्ढों में दबा खिलाडिय़ों का ख्वाब

पूर्व सीएम ने अंतरराष्ट्रीय मानक का स्टेडियम बनाने की थी घोषणा, हकीकत कुछ और

अंबिकापुर। शहर के राजीव गांधी पीजी कॉलेज मैदान में हॉकी स्टेडियम बनाया गया है, लेकिन यहां खिलाड़ी नहीं आ रहे हैं। वजह मैदान पर छर्री गिट्टी बिछा देना है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे हैं। खिलाड़ी कभी-कभार आते भी हैं तो स्टेडियम की दुर्दशा देखकर लौट जाते हैं। यदि वे हिम्मत जुटाकर खेलते भी हैं तो मैदान की हालत की वजह से गिरकर घायल हो जाते हैं। दरअसल हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बिछाने की घोषणा 12 साल पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री ने की थी। उस समय लगा था कि अंबिकापुर में भी अंतरराष्ट्रीय मानक का स्टेडियम होगा, लेकिन यह दूर की कौड़ी साबित हो रही है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हॉकी स्टेडियम का उद्घाटन 12 साल पहले किया था। इस दौरान उन्होंने यहां अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से एस्ट्रोटर्फ बिछाने की घोषणा की थी। साल-दर-साल बीतते जा रहे हैं, लेकिन एस्ट्रोटर्फ की जगह घास का एक तिनका भी यहां नहीं लगाया गया। एस्ट्रोटर्फ अब भी खिलाडिय़ों के लिए सपना बना हुआ है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे तो हैं ही, यह पशुओं का चारागाह भी बना हुआ है। इन सबके बीच कभी-कभार खिलाड़ी प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। एस्ट्रोटर्फ की फाइल खेल एवं युवा कल्याण विभाग के दफ्तर में धूल फांक रही है। ऐसे में यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी कैसे निकलेंगे? यह एक सवाल है।

स्टेडियम की हालत भी खस्ता
स्टेडियम भी खस्ताहाल है। स्टेडियम के दोनों ओर दर्शकों के बैठने के लिए बनाई गई सीढ़ियां भी जर्जर हो चुकी है। कई लोग यहां बैठकर नशाखोरी करते नजर आते हैं। देखरेख के अभाव में हॉकी स्टेडियम अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।

एस्ट्रोटर्फ बिछाने भेजी गई है फाइल
सरगुजा हॉकी संघ के सचिव राजेश सिंह का कहना है कि स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बिछाने की फाइल खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पास कुछ वर्ष पूर्व भेजी गई थी, लेकिन उस पर अब तक पहल नहीं हो सकी है। ऐसे में खिलाडिय़ों को प्रैक्टिस करने में परेशानी हो रही है।

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