सैलून संचालक ने कहा-मेरा भाई मंत्रालय में है, थाने में लिखित शिकायत के बाद पुलिस करेगी जांच

अंबिकापुर। सैलून संचालक के मार्फत कथित रूप से मंत्रालय में पदस्थ उसके भाई के संपर्क में आया युवक नौकरी लगाने के नाम पर छह लाख 25 हजार रुपये गवां दिया। पत्नी सहित अन्य रिश्तेदारों का महिला पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के लिए वह रुपये तथाकथित मंत्रालय के कर्मचारी को दिया, जो एक वरिष्ठ आइएएस को अपना चाचा बताकर उसे झांसे में लिया था। नौकरी नहीं लगने के बाद पैसा वापस करने की बारी आई तो दो बार में 45 हजार रुपये देने के बाद पांच लाख 80 हजार रुपये आज पर्यंत वापस नहीं किया। मोन्टफोर्ट स्कूल के पीछे सरगवां में रहने वाले विरेन्द्र गुप्ता पिता तपेश्वर गुप्ता ने इसकी लिखित सूचना गांधीनगर थाना पुलिस को दी है।

 
विरेंद्र गुप्ता ने पुलिस को बताया है कि दिपक ठाकुर पिता स्व. सुरेन्द्र ठाकुर से गंगापुर स्थित उसके सैलून में मुलाकात होने पर वह चर्चा के दौरान बताया कि उसका भाई विकास ठाकुर मंत्रालय रायपुर में कर्मचारी है। उसका भाई नौकरी भी लगवाता है। इसके बाद वह उसका मोबाइल नंबर विरेंद्र को दे दिया। जब वह सैलून संचालक के भाई विकास ठाकुर से 23 जुलाई 2023 को बात किया, तो वह खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताने के साथ ही एक वरिष्ठ आइएएस अफसर को अपना चाचा बताया। इसके झांसे में आकर वह अपनी पत्नी पूजा गुप्ता एवं रिश्तेदार सुषमा गुप्ता, चान्दनी बाला गुप्ता, नेहा गुप्ता, सारो गुप्ता, सुषमा जायसवाल, लक्ष्मी जायसवाल का महिला पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर फोन पे के माध्यम से 25/07/2023 से 24/09/2023 के बीच अलग-अलग किस्तों में छह लाख 25 हजार रुपये दे दिया। विकास ने आश्वस्त किया था कि अगर नौकरी किसी कारणवश नहीं लगा है तो दो दिन में रुपये वापस मिल जाएगा। नौकरी नहीं लगने पर रुपये वापस करने के लिए कहने पर वह कुछ दिन रूकने के लिए कहा। कुछ दिन इंतजार के बाद रुपये मांगने पर 16/09/2023 को फोन पे के माध्यम से 20 हजार रुपये वापस किया, साथ ही कहा कि ऊपर बात हो गया है, नौकरी लग जाएगा। नौकरी नहीं लगने पर उन्होंने पुन: रुपये देने कहा तो 24/09/2023 को 25 हजार रुपये दिया। इसके बाद रुपये वापस करने के लिए कहने पर मां का तबियत खराब होने की बात कहते हुए थोड़ा टाइम मांगा और अंबिकापुर आकर पूरा पैसा वापस कर देने की बात कहते हुए विश्वास में ले लिया। इसके बाद 31/12/2023 को पॉलिटेक्निक कॉलेज अंबिकापुर के ग्राऊंड में विकास ठाकुर से मुलाकात होने पर वह कहा कि मेरा पैसा फंस गया है, मैं अपना जरही, गढ़वा झारखण्ड के अलावा गंगापुर व गांधीनगर में स्थित जमीन, जो भी पहले बिक जाएगा, उसे बेचकर पैसा वापस कर दूंगा। उसने यह भी कहा कि उसे स्वयं के नाम पर जमीन का फौती कराने व बेचने में एक से दो माह लग जाएगा, यह कहते हुए वह 28 फरवरी 2024 तक का समय देने कहा, किन्तु आज दिनांक तक रुपये अप्राप्त है। शिकायत को संज्ञान में लेकर पुलिस मामले की जांच, विवेचना करेगी।

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