सूचना पर पुलिस ने एक आरोपी को कब्जे में लिया, डिब्बे में कपड़े के नीचे पांच हजार रुपये सहेजकर रखा था वृद्ध

अंबिकापुर। बढ़ी अपराधिक गतिविधियों की फेहरिश्त के बीच भिक्षाटन करने वाले एक वृद्ध से लुटेरों ने दिनदहाड़े पांच हजार रुपये लूट लिए। वृद्ध पांच वर्ष में दवा, ईलाज के लिए रोजाना भीख में मिलने वाली रकम से उक्त राशि बचाकर रखा था। घटना को अंजाम देने के बाद ट्राइसिकल में चलने वाले वृद्ध की नजरों के सामने लुटेरे भाग गए। लाचार वृद्ध ने इसकी जानकारी कोतवाली थाना में पहुंचकर दी। वृद्ध की हालत देखकर पुलिस का दिल भी पसीज गया और त्वरित लुटेरों के तलाश में पुलिस टीम को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। पुलिस के हाथ एक संदेही लगा है, इससे पूछताछ के बाद पुलिस दो और साथियों की तलाश में लगी है।

जानकारी के मुताबिक सरगुजा जिले के सीतापुर का वृद्ध नंदलाल दिव्यांग है। वह शासन की ओर से प्रदत्त मोटराइज्ड ट्राइसिकल में घूम-घूमकर भिक्षाटन करके अकेले जीवकोपार्जन करता है। उसका रहने का कोई ठौर-ठिकाना भी नहीं है। जहां छांव मिली वहीं रात बिता लेता है। सोमवार को दोपहर लगभग 12 बजे वह अपने मोटराइज्ड ट्राइसिकल में नहाने के लिए बरेज तालाब गया था। साथ में एक डिब्बा रखा था, जिसमें नहाने के बाद बदलने के लिए कपड़े और नीचे भीख मांगकर जमा किए गए पांच हजार रुपये रखा था। ट्राइसिकल से नहाने के लिए उतरकर वह खिसकते आगे बढ़ा, इस दौरान तीन युवक बरेज तालाब की ओर से संभवत: नहाकर आए और वृद्ध के करीब पहुंचकर उसके कपड़ा व रुपये रखे प्लास्टिक के टूटे-फूटे डिब्बे का कपड़ा हटाने लगे। इसका वृद्ध ने विरोध किया, इसी बीच उनकी नजर कपड़े के नीचे रखे रुपये की गड्डी पर पड़ी और इनकी आंखों में चमक आ गया। वृद्ध कुछ समझ पाता, इसके पहले तीनों इशारों में एकराय होकर पांच वर्ष में जमा किए गए पांच हजार रुपये को लेकर जाने लगे। वृद्ध ने उन्हें रुपये लेकर जाते देखा, तो रुकने के लिए कहा लेकिन वे उसकी लाचारी का फायदा उठाकर वहां से आसानी से निकल लिए। इससे हताश वृद्ध बिना नहाए कोतवाली पुलिस के पास पहुंचा और पुलिस अधिकारियों व प्रहरियों को इसकी जानकारी देकर लूट की घटना के संबंध में बताया। वृद्ध के साथ हुई घटना ने पुलिस को भी द्रवित कर दिया और वे लूट के आरोपियों की तलाश में तत्काल निकल लिए। वृद्ध की मौजूदगी में एक आरोपित युवक को पुलिस थाने लेकर आई, लेकिन उसके पास पुलिस को लूट की रकम नहीं मिल पाई थी।

मत छोड़ना साहब लुटेरों को
पांच वर्ष में जमा पूंजी को एक झटके में बड़ी आसानी से लूटकर ले गए आरोपियों की हरकत से वृद्ध काफी आहत था। वह बार-बार पुलिस से निवेदन कर रहा था साहब लुटेरों को मत छोड़ना। उसे उम्मीद थी कि पुलिस उसकी जमा पूंजी को वापस लौटवाएगी। पूछने पर नंदलाल बताया कि उसके आगे-पीछे कोई नहीं है, वह भीख मांगकर गुजारा करता है। पेट्रोल पंप वाले उसकी स्थिति से वाकिफ हैं, वहां ट्राइसिकल चार्ज कर वह रोज भीख मांगने निकल लेता है।

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