गरियाबंद। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के प्राइवेट हॉस्पिटल सोमेश्वर से रेफर किए गए एक मरीज की ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये। मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया, आनन फानन में सीएमएचओ ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।

ऑक्सीजन की कमी से मरीज की रास्ते में हुई मौत
जानकारी के अनुसार गरियाबंद निवासी 35 वर्षीय बसंत देवांगन का इलाज सोमेश्वर हॉस्पिटल में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर अस्पताल द्वारा मरीज को रेफर किया गया, लेकिन इस दौरान ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई। ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीज की मौत हो गई. यह घटना रविवार देर शाम की बताई जा रही है।

परिजनों का अस्पताल प्रबंधन पर आरोप
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई और समय रहते ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि अगर सही इलाज और सुविधाएं मिलतीं, तो बसंत की जान बच सकती थी।

जांच समिति करेगी हर पहलू की गहन जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए गरियाबंद सीएमएचओ यूएस नवरत्न ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच टीम को 36 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच समिति यह पता लगाएगी कि हड्डी टूटने के मामले में बिना लाइसेंस इलाज कैसे किया जा रहा था। साथ ही अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर और बैकअप व्यवस्था की भी जांच की जाएगी. इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि अस्पताल तय मानकों और निर्धारित स्थल पर संचालित हो रहा है या नहीं। सीएमएचओ ने बताया कि मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. फिलहाल इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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