सेंदुर नदी में रेत के नीचे दबा मिला था शव, पहचान के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

बलरामपुर। सेंदुर नदी का शांत किनारा 29 जनवरी की शाम उस वक्त सनसनी का केंद्र बन गया, जब सतिसेमर के पास रेत में दबा एक अज्ञात शव बरामद हुआ। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान कर पाना मुश्किल था, लेकिन पुलिस को शक था कि यह मामला सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि किसी गहरी साजिश का नतीजा है। बलरामपुर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी भापेंद्र साहू ने मामले में मर्ग कायम करके जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट से हत्या की पुष्टि हुई। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार प्रयासों के बाद 31 जनवरी को मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ विश्वनाथ केरकेट्टा 51 वर्ष निवासी ग्राम सलियापारा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ के रूप में हुई जो वर्तमान में दंतेवाड़ा में पदस्थ था।
जांच आगे बढ़ी तो कहानी का दूसरा और भयावह चेहरा सामने आया। पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी क्लॉस्टिका केरकेट्टा और विवेक टोप्पो के बीच प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने खतरनाक रास्ता चुना, विश्वनाथ को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का। योजना के तहत छुट्टी पर आए विश्वनाथ को 14 जनवरी की रात सेंदुर नदी किनारे बुलाया गया। अंधेरे और सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए विवेक टोप्पो ने लोहे के औजार से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया और मौत के बाद शव को नदी के दूसरे किनारे रेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया, ताकि पहचान न हो सके। मोबाइल फोन और दस्तावेज भी गायब कर दिया। घटना के बाद सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच ने धीरे-धीरे सच्चाई को उजागर कर दिया। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और परिस्थितिजन्य प्रमाणों ने पूरे षड्यंत्र की परतें खोल दी और विवेक टोप्पो (31) निवासी ग्राम बेलकुंदरी, थाना चलगली और क्लॉस्टिका केरकेट्टा (31) निवासी ग्राम सतिसेमर को गिरफ्तार करके न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया है।

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