रायपुर। राजधानी के तूता धरना स्थल पर प्रदेश की 72 हजार मितानिनें अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मितानिनों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धरना स्थल पहुंचे। धरना स्थल पर मितानिनों ने साफ कहा कि अब पीछे हटने का सवाल नहीं। पिछली बार अफसरों के कहने पर प्रदर्शन रोका था लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। इस बार मांगें माने बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।

भूपेश बघेल बोले हम मितानिनों के साथ
भूपेश बघेल ने धरना स्थल पर कहा हमारी सरकार में जो घोषणाएं हुईं थीं, वो लागू की गईं। लेकिन भाजपा सरकार ने सिर्फ वादा किया, काम कुछ नहीं। सरकार को मितानिनों की मांगों को मानना चाहिए। हम मितानिनों के साथ हैं।

तीन बड़ी मांगें, जिन पर मितानिनें अड़ीं हैं:
NHM (नेशनल हेल्थ मिशन) में स्थायी संविलियन।
मासिक मानदेय में 50 फीसदी बढ़ोतरी।
NGO के माध्यम से कार्य कराने की प्रक्रिया समाप्त हो।

संभागवार आंदोलन
मितानिन संघ की सपना चौबे ने कहा कि यह आंदोलन संभागवार आगे बढ़ेगा। दुर्ग संभाग की मितानिनें शुक्रवार को रायपुर पहुंचीं। राखी के दिन यानी शनिवार को बिलासपुर संभाग की मितानिनें धरने में शामिल होंगी। 10 अगस्त को सरगुजा और 11 अगस्त को बस्तर संभाग की मितानिनें धरनास्थल पहुंचेंगी।

भाजपा ने की थी संविलियन की घोषणा
संघ की सपना चौबे ने कहा, भाजपा ने चुनाव से पहले घोषणा की थी कि मितानिनों को NHM में संविलियन किया जाएगा और मानदेय बढ़ाया जाएगा। दो साल हो गए, कुछ नहीं हुआ। सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं बची। इस बार हड़ताल तभी खत्म होगी जब आदेश आएंगे।

सभी जिलो से पहुचेंगी मितानिनें
प्रदेश स्वास्थय मितानिन और के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में 72 हजार मितानिनों ने फैसला लिया है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर भी आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मितानिनें रायपुर पहुंच रही हैं और धरनास्थल पर संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही धरनास्थल पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

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