रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष और सरकार के बीच प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति पर जमकर तीखी बहस हुई। ध्यानाकर्षण सूचना में बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, धरमजीत सिंह और भावना बोहरा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला उठाया। अजय चंद्राकर ने कहा कि करीब 5 हजार घुसपैठिए छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं। वो आधार, राशन, पासपोर्ट बनाकर सरकारी योजना का लाभ ले रहे हैं। सरकारी सिस्टम में इनके मदद करने वाले मौजूद हैं। इस संबंध में उन्होंने सरकार से डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग की।

घुसपैठ पर जताई चिंता, कार्रवाई की सराहना
भावना बोहरा ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रही बांग्लादेशी घुसपैठ पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि एटीएस के मुताबिक लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल के रास्ते छत्तीसगढ़ में घुसे हैं। बिलासपुर, भिलाई और रायपुर जैसे क्षेत्रों में दर्जनों घुसपैठिए पकड़े जा चुके हैं, जो अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पकड़े गए 30 घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्रवाई को सराहा और आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की। सरकार की पहल पर बोहरा ने कहा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार प्रदेश को घुसपैठ और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 आम नागरिकों को राष्ट्रहित में योगदान देने का सशक्त माध्यम है।

वेरीफिकेशन के बाद 19 केस दर्ज किए गए
विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने पत्र लिखा था कि महामाया पहाड़ी पर कब्जा हो गया है। पश्चिम बंगाल तो बांग्लादेश बन ही गया है। समुचित कार्रवाई हो रही तो ये आ कैसे गए। 4 राज्य पार कर रोहिंग्या, बांग्लादेशी आ कैसे गए। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, पहली बार एसटीएफ का गठन किया गया है। एम आधार एप से संदिग्ध का वेरिफिकेशन हो रहा है। मामले में 19 केस दर्ज किया गया है।

 छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन 15 जुलाई, मंगलवार को अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को लेकर ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में कितने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हंै और कितने स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है, क्या सरकार के पास ऐसा कोई डेटा है, जिसमें यह दर्शाया  गया हो कि एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण मरीजों के उपचार में देरी हुई या मृत्यु हुई, यदि हां तो ऐसे मामलों की संख्या क्या है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जिन एंबुलेस की स्थिति जर्जर और कंडम है उन्हें समय रहते बदल जाए, क्या इसके लिए कोई नीति या समय सीमा तय की गई है? क्या संजीवनी 108 और महतारी एक्सप्रेस 102 जैसी सेवाओं की मॉनिटरिंग के लिए स्थानीय स्तर पर निरीक्षण तंत्र मजबूत है? क्योंकि कई बार इनकी सेवाएं समय पर नहीं मिल पाती हैं, इसकी शिकायत आम है। 108 के  अलावा दूरस्थ अंचलों के लिए कोई योजना हो तो जानकारी दें? क्षेत्र बहुत ज्यादा पहाड़ी दुर्गम ट्राइबल क्षेत्र है, नेटवर्क प्रॉब्लम की स्थिति बनती है, एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने से कई बार जनहानि होती है। विधायक के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधायक राजेश अग्रवाल को आश्वस्त किया कि अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का 3 माह के अंदर निराकरण किया जाएगा ।

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