मामला सीतापुर विधायक से जुड़ा, जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक की ओर से दायर किया गया है याचिका

अंबिकापुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार को जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बिहारी लाल तिर्की ने पत्रकारों से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सर्किट हाउस में चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि विधायक के जाति प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया प्रारंभ से ही संदिग्ध रही है। उन्होंने दावा किया कि, इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित दस्तावेजों को संकलन किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं हैं।

विधायक का जाति प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी, लैलूंगा कार्यालय से 19 सितंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके खिलाफ 21 अक्टूबर 2023 को जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति, रायगढ़ के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई। इस दौरान विधानसभा चुनाव की घोषणा हो जाने के कारण त्वरित कार्रवाई हेतु प्रकरण को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका क्रमांक 4587/2023 के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। उच्च न्यायालय ने मामले को जिला स्तरीय समिति को विधि अनुसार जांच के निर्देश दिए, लेकिन लगभग दो वर्षों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पुन: रिट याचिका क्रमांक 1466/2026 दायर की गई। याचिका में अधिवक्ता अनुराग सिंह ने पक्ष रखा, जिस पर न्यायालय ने 02 अप्रैल 2026 को आदेश पारित करते हुए समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य ऐसे हैं, जिन्हें अभी सार्वजनिक करना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, और गोपनीयता भंग हो सकती है। इसलिए फिलहाल न्यायालय के निर्देशों की जानकारी ही साझा की गई है। पूरे प्रकरण में स्थानीय युवा अधिवक्ता ऋषिराज सिंह के विशेष सहयोग का उन्होंने उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने दस्तावेजों के संकलन से लेकर विभिन्न स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई है, क्षेत्रीय मुद्दों को वे लगातार उठाते रहे हैं। बिहारी लाल तिर्की ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस आदेश से आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही यह भी सिद्ध होगा कि न्यायपालिका संविधान और उसके मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह जानकारी भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आमजन तक पहुंचाने की बात कही।

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