मानव तस्करी के मामले में मां-बेटी, पिता-पुत्र सहित 7 को गिरफ्तार करके जेल भेजी पुलिस
अंबिकापुर। होटल में वेटर का काम करने वाली युवती को बेहतर पगार पर काम दिलाने का झांसा देकर दूसरे प्रांत में ले जाकर बेच देने के मामले में पुलिस ने आरोपी मां-बेटी सहित खरीददारों व बिचौलियों को पकड़ा है। मानव तस्करी के इस मामले में युवती के साथ पिता-पुत्र के द्वारा दुष्कर्म करने की घटना भी सामने आई है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर के मणिपुर थाना अंतर्गत रहने वाली एक युवती ने 21 जून को पुलिस को बताया था कि उसकी चचेरी बहन, शहर में अलग-अलग जगहों पर रहकर काम करती थी। पिछले कुछ समय से वह शहर के बंडाबहरा क्षेत्र में स्थित एक होटल में वेटर का काम कर रही थी और होटल के पास ही किराए के मकान में रहती थी, यहां 5 जून को वह अपनी चचेरी बहन से मिली थी। 19 जून को उसके पास एक फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने कहा कि अपनी चचेरी बहन को एक लाख रुपये देकर ले जाओ। फोन करने वाले ने उसकी बात चचेरी बहन से कराई, तो वह बताई कि चठिरमा अंबिकापुर का काबिल अंसारी, उसकी पत्नी हीना और हीना की मां रामेश्वरी सोनवानी उसे अधिक पैसे में काम दिलाने का झांसा देकर उत्तर प्रदेश ले जाकर एक लाख रुपये में बेच दिए हैं। शिकायत पर मणिपुर पुलिस ने अपराध दर्ज करके वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और पीड़ित युवती को बरामद करके आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई शुरू हुई।
स्थानीय सूत्रधार को रिमांड पर ली थी पुलिस
पुलिस टीम 21 जून को इस मामले के स्थानीय सूत्रधार 31 वर्षीय काबिल अंसारी मूल निवासी ग्राम बांहो कुदा थाना रंका जिला गढ़वा झारखण्ड, वर्तमान निवास चठिरमा बेरियर के पास थाना गांधीनगर, उसकी पत्नी 29 वर्षीय हीना मूल निवासी टपरकेला थाना लखनपुर व हीना की मां 51 वर्षीय रामेश्वरी सोनवानी को पकड़कर कोर्ट में पेश करके रिमांड पर ली। पूछताछ में काबिल अंसारी ने बताया कि उसकी जान-पहचान भिंड मध्य प्रदेश निवासी सुरेन्दर कुशवाहा से करीब 2 वर्ष पूर्व हुई थी, जो शादी के लिए लड़की खोजने गढ़वा झारखण्ड आया था। बातचीत के दौरान सुरेन्दर ने आरोपी काबिल से शादी के लिए लड़की मिलने पर बताने और बदले में अच्छे पैसे दिलाने की बात कही थी और अपना मोबाइल नंबर भी दिया था।
ऐसे आया पीड़िता को बेचने का ख्याल
पीड़िता जो आरोपी काबिल की पत्नी हीना की सहेली थी, वह कुछ दिन पूर्व जब आरोपी के घर आई थी तो उसे देखकर शादी के लिए बेचने का ख्याल इनके मन में आया, इसके बाद वह अपनी पत्नी व सास को भी पैसों का लालच देकर योजना में शामिल कर लिया, फिर सुरेन्द्र कुशवाहा से संपर्क करके उसके कहने पर पीड़िता को अच्छे वेतन में काम दिलाने का झांसा देकर तीनों अपने साथ कानपुर उत्तर प्रदेश ले गए। यहां सुरेन्द्र कुशवाहा का साथी सकील मिला, कानपुर से सभी औरेया गए। यहां युवती से उन्होंने शादी करने के लिए कहा, जिस पर वह इंकार कर दी। इसके बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर शादी करने के लिए जबरन तैयार किए। काबिल ने अपनी सास रामेश्वरी को पीड़िता की मां बनाकर खरीददारों से मिलवाया। इसके बाद मंदिर में शादी के लिए लड़का सुमित राठौर और उसके पिता राकेश राठौर आए। मंदिर में पीड़िता का विवाह जबरन सुमित से माला डलवाकर करवाया गया। इसके बदले में सुरेन्दर कुशवाहा ने रामेश्वरी को 40 हजार रुपये दिया।
पीड़िता का मोबाइल लेकर सीम फेंका
रामेश्वरी आते समय पीड़िता का मोबाइल अपने साथ ले आई थी, जिसका सिम काबिल निकालकर फेंक दिया। काबिल अंसारी के निशानदेही पर मामले में शामिल आरोपी सुरेन्दर कुशवाहा एवं सकील को पकड़कर उससे पूछताछ की तो दोनों आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार करते हुए शादी कराने के एवज में 70 हजार रुपये लेकर पीड़िता को खरीददार सुमित व उसके पिता राकेश राठौर के साथ ग्राम सरावन उत्तर प्रदेश भेजने की जानकारी दी। प्राप्त रकम में से 40 हजार रामेश्वरी को 20 हजार सुरेन्द्र ने स्वयं रखने और 10 हजार सकील को देने की स्वीकारोक्ति की। पुलिस ने आरोपी के पास से 3100 रुपये नगद बरामद किया, शेष रकम आरोपियों ने खर्च कर दिया था।
सारी बात बताने के बाद भी किया दुष्कर्म
आरोपी सुरेन्द्र व सकील की निशानदेही पर पुलिस टीम ने ग्राम सरावन से पीड़िता को खरीददारों से बरामद कर जब उससे जानकारी ली तो वह बताई कि मंदिर में जबरन विवाह करने के बाद वह सारी बात सुमित को बताई थी, इसके बाद भी वह उससे दुष्कर्म करता था। सुमित एवं अन्य लोगों के घर में नहीं रहने पर सुमित का पिता राकेश राठौर भी उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। बीच में वह भागने का प्रयास की तो आरोपी सुमित राठौर और उसके पिता राकेश राठौर पकड़कर घर वापस ले आए और उसके साथ मारपीट किए थे। पुलिस टीम ने मामले के अन्य दोनों आरोपी 26 वर्षीय सुमित राठौर और उसके पिता 52 वर्षीय राकेश राठौर निवासी सरावन थाना गौहन जिला जालौन उत्तर प्रदेश को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस 5 मोबाइल और 3100 रुपये बरामद की
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 4 मोबाइल एवं एक प्रार्थिया से लिया गया मोबाइल सहित 3100 रुपये नगद बरामद किया है। आरोपियों के विरूद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करके सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, यहां से चारों अंतर्राज्यीय मानव तस्करों सहित सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी मणिपुर निरीक्षक अश्वनी सिंह, महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुनीता भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक धीरज गुप्ता, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, महिला आरक्षक सुमन तिग्गा, आरक्षक सत्येंद्र दुबे, अनिल सिंह, अतुल शर्मा, संजीव चौबे, अनुज जायसवाल, रमेश राजवाड़े एवं थाना गोहन उत्तर प्रदेश से प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र राय सक्रिय रहे।

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