नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा-ट्रिपल इंजन की रफ्तार से शहर हुआ बदहाल
अंबिकापुर। नगर पालिका निगम अंबिकापुर के द्वारा 26 टेंडर, निविदा तिथि के अंतिम दिन बैक डेट में कैंसल करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने इसे शहर के साथ धोखाधड़ी बतलाया है। उन्होंने कहा निगम आयुक्त ने अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुए टेंडर कैंसल किया है, उन्हें इसका वाजिब कारण देना होगा। ऐसा लगता है कि अधिकारियों पर अनुचित राजनीतिक दबाव डालकर टेंडर को कैंसल कराया गया है, क्योंकि इस टेंडर से भाजपाई लाभान्वित नहीं हो रहे थे।


नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने आगे कहा कि ट्रिपल इंजन के विकास की रफ्तार की बात कर भाजपा भारी बहुमत से नगर निगम अंबिकापुर में काबिज हुई, लेकिन विकास होने के बजाय वास्तव में ट्रिपल इंजन की रफ्तार से शहर में बदहाली फैल गई है। 26 जून को नगर निगम के द्वारा 3 करोड़ 34 लाख 77 हजार रुपये के सीसी रोड, नाली और पैच रिपेयरिंग का टेंडर जारी किया था। इसकी निविदा प्राप्ति की तिथि 23 जुलाई थी, जबकि निविदा खुलने की तिथि 25 जुलाई थी।

इस निविदा प्रकाशन के उपरांत नगर निगम अंबिकापुर ने 6 लाख 81 हजार रुपये को 900 निविदा फार्म बेचा था। अचानक 23 जुलाई को निगम आयुक्त ने बिना वाजिब कारण बताए निविदा को निरस्त कर दिया। शफी अहमद ने कहा कि अंबिकापुर शहर के लोगों ने भाजपा के वायदे पर भरोसा कर उसे निगम की सत्ता सौंपी थी, अब भाजपा नगरवासियों की भावनाओं का खयाल नहीं रख रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी घोषणा अनुसार शहर की सड़कों को सुधारने के लिए 20 करोड़ की राशि आज तक जारी नहीं कर पाए। बरसात के पूर्व भाजपा शासित निगम के द्वारा किसी भी प्रकार के एहतियात कदम नहीं उठाया गया। निगम शहर के सड़कों पर बने गड्ढे में मलवा तक नहीं डलवा पा रही है। बरसात पूर्व नालों की सफाई नहीं होने के कारण पहली बार ऐसा हुआ है कि शहर के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी और निगम त्वरित राहत भी नगरवासियों को नहीं दिलवा पाया। शहर में 2000 से अधिक स्ट्रीट लाइट बंद हैं। खुले नालियों में महिलाएं और बच्चे गिर रहे हैं। हाल में कैलाश मोड़ का ऐसा मामला इंटरनेट मीडिया से सुर्खियों में आया है। शहर की जो दुर्गति पिछले 5 माह में हुई है उसे ट्रिपल इंजन की सरकार एक सप्ताह में सुधारे अन्यथा एक सप्ताह बाद कांग्रेस आंदोलन करेगी।

प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अंबिकापुर के सड़कों की स्थिति बदतर है। इसके रिपेयर के लिए निगम ने 27 जून को टेंडर बुलाया था, जिसकी निविदा 25 जुलाई को खोली जानी थी, लेकिन इसे बैकडेट पर निरस्त करके शहर को नारकीय जीवन भोगने के लिए इस वजह से झोंक दिया गया है क्योंकि भाजपा कार्यकर्ताओं को इस निविदा से रोजगार नहीं मिला। ऐसा लगता है महापौर शहर की नहीं बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं की है। इस दौरान विनोद एक्का, संजय सिंह, पपिन्दर सिंह, शंकर प्रजापति, लोकेश पासवान, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, धर्मेंद्र ताम्रकार, शुभम जायसवाल, नरेंद्र विश्वकर्मा, अविनाश कुमार, मिथुन सिंह, दिनेश शर्मा, अमित सिन्हा मौजूद थे।

स्वच्छता सुपर लीग हमारे कार्यकाल की उपलब्धि
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने स्वच्छता सुपर लीग में अंबिकापुर के प्रथम आने पर नगरवासियों को बधाई दी और कहा कि यह शहर के नागरिकों के सामूहिक प्रयास से प्राप्त उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से 2024 तक के सर्वे के आधार पर यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस दौर में निगम का नेतृत्व कांग्रेस के पास था। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने निगम में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मचारियों के योगदान को दिया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को बनाए रखने की जवाबदेही अब निगम का नेतृत्व कर रही भाजपा के हाथ में है, लेकिन इनके प्रशासन के शुरुआती दौर के लक्षण सशंकित कर रहे हैं

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