अंबिकापुर। लाइसेंसी बंदूक लूटपाट के आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कांसाबेल से गिरफ्तार करके बंदूक बरामद कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक जशपुर जिला के दुलदुला थाना अंतर्गत ग्राम टेड़ापहाड़ निवासी अमोद कुमार एक्का, हाल मुकाम प्रतापपुर नाका अंबिकापुर ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा अंबिकापुर में सुरक्षा गार्ड का काम करता है। 08 फरवरी को दोपहर करीब एक बजे वह अपने पुराने किराए के मकान नवापारा से नए किराए के रूम में सामान शिफ्ट करने के लिए ऑटो में घर का सामान लोड कराने के बाद अपने परिवार के लोगों को साथ भेज दिया। ऑटो में जगह नहीं होने के कारण स्वयं अपना डबल बैरल लाइसेंसी बंदूक को कंधे में टांगकर पैदल नए किराए के रूम की ओर जा रहा था। नवापारा कुम्हारपारा ढलान के पास एक व्यक्ति पीछे से आकर पूछा कि कहां जाना है, पैदल क्यंू जा रहे हो, चलो जहां जाना होगा वहां छोड़ दूंगा। इसके बाद वह अपने मोटरसायकल में बैठने के लिए बोला। जैसे ही वह अनजान व्यक्ति के मोटरसायकल में बैठने को हुआ उसी समय उक्त व्यक्ति डबल बैरल लाइसेंस बंदूक लूटकर मौके से फरार हो गया। आसपास तलाश के बाद भी वह नहीं मिला। मामले में थाना गांधीनगर में धारा 309(4) बी.एन.एस. का अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना में लिया था।

मामले को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई करने और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पुलिस टीम आरोपी के तलाश में लगी थी। साइबर सेल, कोतवाली एवं थाना गांधीनगर पुलिस टीम के सतत प्रयास से आरोपी जयपाल लकड़ा पिता स्व. चमरू लकड़ा 45 वर्ष निवासी महादेवडांड बीसबहरी थाना बगीचा जिला जशपुर को कांसाबेल से पकड़ने में पुलिस सफल हुई। आरोपी वर्तमान में गोधनपुर अंबिकापुर, थाना गांधीनगर में रहता है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद लूटा गया बंदूक बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायालय के समक्ष पेश किया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक वीरेंद्र कुजूर, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, सूरज राय, आरक्षक अतुल सिंह, नितिन सिन्हा, मनीष सिंह, सुल्तान अहमद, गीता प्रसाद, आनंद प्रकाश केरकेट्टा, उमेश गुप्ता, जयनाथ भगत, हरिनाम सिंह सक्रिय रहे।

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