गिरफ्तार हत्यारे ने पुलिस के द्वारा की गई पूछताछ में कबूला अपराध

अंबिकापुर। हत्या के आरोपी ने किसी अन्य के साथ अवैध संबंध के संदेह पर विगत 5-6 वर्षों से साथ में रहने वाली महिला की जघन्य हत्या कर दी थी। घटना के 8वें दिन एमसीबी जिला के चिरमिरी से गिरफ्त में आए आरोपी ने इसकी स्वीकारोक्ति कोतवाली और साइबर थाना पुलिस के द्वारा किए गए पूछताछ में की है। आरोपी घटना के बाद अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन पैदल पहुंचा और ट्रेन से बिश्रामपुर, नागपुर होते हुए सवारी जीप से चिरमिरी पहुंच गया था। चिरमिरी में भर्ती बीमार मां को देखने के लिए वह अस्पताल आया, और पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हत्यारोपी की पहचान होने के बाद साइबर थाना सरगुजा की टीम चिरमिरी पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लेकर अंबिकापुर आ गई थी। घटना के बाद आरोपी के फरार रहने की स्थिति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए आईजी सरगुजा रेंज ने 30 हजार और एसएसपी सरगुजा ने 5 हजार रुपये ईनाम की उद्घोषणा की थी।

डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने शनिवार को पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि आरोपी छोटू उर्फ मिथुन उर्फ राम सिंह पिता बाबूलाल उर्फ कानू 30 वर्ष, मूलत: ग्राम मकनपुर थाना प्रतापपुर जिला सूरजपुर का रहने वाला है। करीब 6-7 वर्ष पूर्व वह अपने गांव से अंबिकापुर काम करने आया था। यहां लेबर कुली, कचरा बिनने का काम करने के दौरान उसका परिचय मृतिका से हुआ था। मृतिका भी मजदूरी काम करती थी। परिचय होने के बाद से दोनों साथ-साथ काम करते थे और जहां जगह मिलता वहीं सो जाते थे। इसी दौरान दोनों का आपसी संबंध बना, और वे साथ में रहने लगे। घटना के कुछ दिन पहले आरोपी को पता चला कि साथ में रहने वाली महिला का लेबर-कुली का काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध है, इससे वह काफी गुस्से में था। 02 अप्रैल, गुरूवार को सुबह से दिन-भर दोनों साथ में कचरा प्लास्टिक बिने और उसे बेचकर मिले पैसा से शराब और चखना लेकर खाये-पिये थे। इसके बाद दोनों साथ में घूमते सद्भावना चौक के पास मछली दुकान के झाला में बोरा बिछाकर सोने लगे, इसी दौरान वह अवैध संबंध की आशंका पर मृतिका से पूछताछ किया, इस पर वह नाराज हो गई, और आरोपी उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद झगड़ा-विवाद की स्थिति बनी तो आरोपी ने बाल पकड़कर पहले तो महिला के चेहरे को जमीन में पटका, बाद में हाथ, मुक्का-लात से मारकर गंभीर चोट पहुंचाया था, और मृत्यु होने पर मौके से भाग गया था। मृतिका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक ने गंभीर तरीके से हत्यात्मक प्रवृति का लेख किया था। मृतिका की पहचान परिजन के द्वारा करने पर पुलिस टीम घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन की, जिसमें दोनों एक साथ जाते नजर आए थे। पुलिस ने अंबिकापुर से कोरिया जिले तक सीसीटीव्ही का अवलोकन किया था।

कार्रवाई में ये रहे शामिल

कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक केके यादव, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक विवेक राय, नितिन सिन्हा, दीपक पाण्डेय, बृजेश राय, संजीव चैबे, शिव रजवाड़े, देवेंद्र पाठक, साइबर सेल से साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, जयदीप सिन्हा, आरक्षक विकास मिश्रा, अशोक यादव, मनीष सिंह, अनुज जायसवाल, जितेश साहू, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, वीरेंद्र पैकरा, थाना चिरमिरी से थाना प्रभारी चिरमिरी सहायक उप निरीक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक संतोष कुमार सिंह, धीरेन्द्र सिंह आरक्षक चंद्रसेन ठाकुर, मदन राजवाड़े सक्रिय रहे।

बीमार मां को देखने पहुंचा था अस्पताल

सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने आरोपी की पतासाजी के लिए उसका फोटो जारी करते हुए रेंज के थानों व सीमावर्ती जिलों की पुलिस को अलर्ट किया था। एमसीबी जिले की चिरमिरी पुलिस टीम भी आरोपी के तलाश में लगी थी। वहीं डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने रेंज के सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों से चर्चा कर आपसी समन्वय स्थापित किया था। इस बीच थाना प्रभारी चिरमिरी को आरोपी के चिरमिरी में लुक-छिप कर रहने की सूचना मिली। प्राप्त सूचना की तस्दीकी के दौरान पता चला कि आरोपी की मां दूसरा विवाह करने के बाद बड़ाबाजार चिरमिरी में रहती है, जो वर्तमान में बीमार थी, और उसका इलाज चल रहा था। हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद चिरमिरी पहुंचा आरोपी बीमार मां का हालचाल जानने के लिए अस्पताल की ओर गया था, यहां से चिरमिरी पुलिस की टीम ने उसे पकड़ा और हिरासत में ले लिया।

पैदल फिर ट्रेन और सवारी जीप से पहुंचा चिरमिरी

एसएसपी ने बताया कि हत्या के बाद मौके से भागकर समलाया मंदिर के पास गया, वहां से सद्भावना चौक, चांदनी चौक, प्रतापपुर नाका होते हुए अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन पहुंचा। यहां से पैदल रेल्वे पटरी से होते हुए कमलपुर, बिश्रामपुर पहुंच गया। बिश्रामपुर से ट्रेन में बैठकर नागपुर आने के बाद सवारी जीप में बैठकर चिरमिरी पहुंच गया था। यहां चिरमिरी पुलिस टीम के हाथ आठवें दिन आरोपी लगा था। उन्होंने बताया कि आरोपी घटना दिनांक से अभी तक वही कपड़ा पहना है, जिसे पहनकर घटना कारित किया था। पुलिस ने उक्त कपड़े को जप्त कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

ईनाम का निर्णय लेंगे आईजी

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कहा कि आरोपी के पास मोबाइल भी नहीं था, जिस कारण उसका लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहा था। ऐसे में पुलिस टीम के द्वारा पब्लिक प्लेस और पुलिस के हर सीसीटीव्ही कैमरे को खंगाला, जिसमें उसके रेलवे स्टेशन तक पैदल आने, फिर सूरजपुर जिला में नजर आने जैसे लोकेशन मिल रहे थे। ईनाम का हकदार कौन…सवाल पर एसएसपी ने कहा ईनाम किसे मिलेगा, इसका निर्णय पुलिस महानिरीक्षक करेंगे।

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