दो दिनों में 12 घर टूटे, सारसताल में इससे पूर्व ग्रामीण को उतारा था मौत के घाट
जरही। दंतैल हाथी इन दिनों ग्राम सारसताल में कुछ ऐसा तांडव मचा रखा है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। हाथी ने दो दिन में 12 घरों को तोड़ डाला है, वहीं पूर्व में गांव के फूलसाय राजवाड़े को मार डाला था।
जानकारी के मुताबिक बीती रात लगभग 9 बजे दंतैल हाथी ग्राम सारसताल और आमाडाड़ पहुंच गया। हाथी के आने की आहट मिलने पर लोग जान बचाने के लिए अपने घरों से दूरी बनाने लगे। इधर हाथी ने ईश्वर राजवाड़े पिता बहाल राजवाड़े के घर का दिवाल तीन जगह से तोड़कर गिरा दिया और घर में रखे सामान को भी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद दंतैल ने हेमन्त पिता मोतीलाल राजवाड़े के घर का दीवार ढहाया और परछी का पिलर गिरा दिया। उमाशंकर पिता रामभजन राजवाड़े के घर का दिवार दंतैल हाथी उस समय गिराया, जब वह हाथी के आने से बेखबर अपने परिवार के साथ उसी कमरे में सो रहा था। हाथी के द्वारा मकान को क्षति पहुंचाने की आहट लगी और वह आनन-फानन में अपनी बच्ची को लेकर भागा, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। हाथी दिवाल पर सिर से वार किया तो मिट्टी का मलबा गिरा और उमाशंकर का खाट मलबे के ढेर से टूट गया। इसके बाद परछी की ओर जैसे ही वह पहुंचा, खूंटे से बंधी हुई गाय रस्सी तोड़कर भाग रही थी। गाय कुछ दूर तक पहुंच पाई थी, हाथी उसे दौड़ा कर मार डाला। इसके बाद परसराम पिता शिवरतन के घर का दीवाल तोड़कर हाथी घर में रखे कुछ धान को खा गया। हाथी ने इंद्रमनिया पति नानराम, नान राम पिता घूरन राजवाड़े, देवशरण पिता सुखलाल के घर का भी दिवार तोड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा वन अमला मिलकर एक हाथी को संभाल पाने में नकारा साबित हो रहा है, जबकि पूर्व में यहां के स्टॉफ 30 हाथियों के दल को चेरा होते हुए मैनपाट की ओर भगाने जैसी काबिलियत का परिचय दे चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब हाथी आता है तो वन विभाग लाइट बंद करवा देता है। बीती रात जब हाथी गांव में घुसकर घरों को तहस-नहस करने में लगा था, तब लाइट बंद कर दिया गया था, जिससे हाथी कहां है, इसका पता चल पाना नामुमकिन था।

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