कलाकेंद्र मैदान से निकली भव्य रैली, कलेक्टर व डीईओ को सौंपा ज्ञापन
अंबिकापुर। प्रदेश के एलबी संवर्ग के शिक्षक संगठनों के साझा मंच छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आव्हान पर सोमवार को सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में शिक्षकों ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर व डीईओ के माध्यम से मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। शहर के कलाकेंद्र मैदान में हजारों की संख्या में एकजुट हुए शिक्षकों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। काफी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर काफी संख्या में पुलिस अधिकारियों व जवानों की तैनाती की गई थी। कलेक्टोरेट के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया था। कलेक्टोरेट में कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार ने ज्ञापन पत्र लिया।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने कहा कि, सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए टेट की अनिवार्यता के कारण उन्हें विद्यालय छोड़कर सड़क पर आना पड़ा है। शासन के नए नियम से शिक्षक अपनी सेवा सुरक्षा खतरे में महसूस कर रहे हंै। पूर्व में जब उनकी भर्ती हुई थी तो टेट की बाध्यता नहीं थी। इन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की हड़ताल से जिले भर में बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा है। वर्तमान में जिले भर में 6 हजार से अधिक शिक्षक टेट से परे हैं। इनके द्वारा शिक्षक संवर्ग की समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने से पहले शिक्षकों ने शहर में हाथों में तख्तियां लेकर विशाल रैली निकाली। तख्तियों पर शिक्षक एकता जिंदाबाद, पदोन्नति में बाधा मुर्दाबाद जैसे नारे लिखे थे। बड़ी संख्या में महिला शिक्षक भी इस रैली में शामिल रहीं। शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि उपरोक्त मांगों का त्वरित निराकरण कर जल्द आदेश जारी किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान करीब 5 हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
मोर्चा की 5 प्रमुख मांगें
इनकी प्रमुख मांगों में सेवारत शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कहा गया है कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेट के लिए 31.08.2028 तक का समय दिया गया है, उसके अनुरूप पदोन्नति में टेट की अनिवार्यता समाप्त की जाए। शिक्षक एलबी संवर्ग को पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्ण पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त लाभ प्रदान किया जाए। समस्त शिक्षक संवर्ग के लंबित वेतन विसंगति को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किया जाए। 13 फरवरी 2026 को जारी विसंगतियुक्त छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम राजपत्र में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किया जाए। शिक्षक संवर्ग को शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षित कराया जाए।
