लंबित किराए की राशि का भुगतान भी करना होग, हाईकोर्ट के फैसले को कब्जाधारक ने सर्वोच्च न्यायालय में दी थी चुनौती

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के नवनियुक्त सर्वेयर सदस्य नाजमिया मस्जिद रसूलपुर के मुतवल्ली जीलानी खान ने कहा है कि राज्य की समस्त वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण कार्य तेजी से चल रहा है, इस दौरान पता चला है कि पुरानी वक्फ की भूमि और मकान व दुकानों पर कई वर्षों से लोगों ने कब्जा कर रखा है, वे न तो किराया देते हैं और न ही खाली करते हैं। ऐसे अतिक्रमणकारियों से वक्फ की संपत्ति को मुक्त कराने के लिये विशेष अभियान चलाया जा रहा है तथा उन विवादों के निपटारे के लिये न्यायालय की शरण में जा रहे हैं। जीलानी खान ने बताया कि वक्फ की संपत्ति को मुक्त कराने में उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। जामा मस्जिद डोंगरगढ़ की वक्फ संपत्ति, चार दुकानों पर 28 वर्षों से जनरल सिंह कक्कड़ का कब्जा था। इस संबंध में वक्फ बोर्ड और वक्फ अधिकरण ने उन्हें चारों दुकान खाली कर कब्जा छोडऩे का आदेश किया था, पूरा प्रकरण उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने वक्फ बोर्ड तथा वक्फ अधिकरण के आदेश को सही मानते हुये उन्हें 45 दिवस के अंदर दुकान खाली करने का आदेश पारित किया। वे इस आदेश को चुनौती देते हुये सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में याचिका डाले। प्रकरण की सुनवाई करते हुए जस्टिस डीवाय चन्द्रवूड़ व जस्टिस हीमा कोहली की पीठ ने अवैध कब्जा समय सीमा में खाली कर वक्फ संस्था को सुपुर्द करने व किराए की लंबित राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। सर्वेयर जीलानी खान ने कहा न्यायालय का यह फैसला वक्फ की संपत्ति की सुरक्षा के लिये नजीर है। ऐसे में जिन लोगों ने भी वक्फ की संपत्ति पर अतिक्रमण कर रखा है वे स्वयं से अपना कब्जा हटाकर उसे वक्फ संस्था को सौंप दें अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।

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