नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर एवं एसपी ने ली बैठक

अंबिकापुर। नवीन अपराधिक कानून के क्रियान्वयन के संबंध में बुधवार को कलेक्टर विलास भोसकर एवं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल ने जिला कलेक्टोरेट कार्यालय में बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो सहित जेल अधीक्षक, उपसंचालक अभियोजन, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, उप संचालक फोरेंसिक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में एसपी राजेश अग्रवाल ने आपराधिक मामलों में चार्जशीट या चालान 60 से 90 दिन की समय सीमा में प्रस्तुत करने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में चालान समय सीमा में किया जाना आवश्यक है, इस हेतु समस्त थाना प्रभारियों को नियमों का कड़ाई से पालन करने निर्देशित किया गया। बताया गया कि नवीन कानून के संबंध में लगातार पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों, एफएसएल डॉक्टरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आगे भी शासन के निर्देशों के अधीन दिया जाएगा। बैठक में ऑनलाइन कोर्ट की जानकारी ली गई, जिसमें बताया गया कि सभी कोर्ट एवं जेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हैं, जिसमें ऑनलाइन उपस्थिति दी जा रही है। आईसीजेएस पोर्टल से न्यायालय, पुलिस चौकी, नियोजन सभी  पोर्टल से जुड़े हैं। इनके द्वारा अपने-अपने प्रकरणों की एंट्री कर अपडेट किया जा रहा है। न्यायालय में गवाह की उपस्थिति व पक्षकार अथवा अधिवक्ता की अनुपस्थिति में आए हुए प्रकरण की संख्या निरंक है। डीडीपी एवं जीपी ने एसपी से समस्त मामलों की गारंटी को बढ़ाने का आग्रह किया। इस हेतु उन्होंने सर्व थाना एवं चौकी प्रभारी को निर्देशित किया है। बैठक में सामने आया कि आबकारी विभाग के प्रकरणों में गवाह का नाम, मोबाइल नंबर नहीं होने से वारंट तामीली में समस्या होती है। इस हेतु कलेक्टर विलास भोसकर ने आबकारी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

एमएलसी में डॉक्टर का नाम, पदनाम और नंबर आवश्यक
बैठक में सामने आया कि एमएलसी में डॉक्टर का नाम, पदनाम एवं नंबर होना आवश्यक होता है, परंतु कुछ मामलों में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर गवाही के समय समस्या उत्पन्न होती है। इसके पश्चात कलेक्टर ने सीएमएचओ को पत्र जारी कर निर्देशित किया कि एमएलसी में डॉक्टरों की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा बताया गया कि एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट लिखावट नहीं होने की वजह से कई बार समस्या का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर ने इस हेतु भी सीएमएचओ को पत्र जारी कर निर्देशित किया है।

एफएसएल रिपोर्ट जल्द से जल्द जारी करने के निर्देश
लोक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर उपलब्ध होना आवश्यक है, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को एफएसएल रिपोर्ट जल्द से जल्द जारी करने निर्देशित किया। उन्होंने संबंधितों को सीआरपीसी की धारा 173(8) के लंबित मामलों के जल्द निराकरण के निर्देश दिए। दोषमुक्ति की समीक्षा बैठक जो पूर्व में अपर कलेक्टर के द्वारा ली जाती थी। इसके संबंध में कलेक्टर ने कहा कि यह बैठक अब प्रत्येक माह की 7 तारीख को सुबह 10 बजे होगी, जिसमें आईसीजेएस एवं नवीन अपराधिक कानून के क्रियान्वयन के संबंध में भी समीक्षा की जाएगी, जिसमें सर्वसंबंधित उपस्थित रहेंगे।

वाद प्रभारी की नियुक्ति का किया आग्रह
बैठक में लोक अभियोजन अधिकारी के द्वारा अपीलीय प्रकरणों में वाद प्रभारी की नियुक्ति के संबंध में निवेदन किया गया, जिस पर एसपी ने एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो को वाद प्रभारी की नियुक्ति हेतु निर्देशित किया। एसपी ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना हम सभी का लक्ष्य है। कलेक्टर ने कहा कि संवेदनशीलता के साथ आपसी सहभागिता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर आम जनों के हित में कार्य करें।

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