लग्जरी कार की तलाशी में मिला 50 किलो गांजा, कीमत 10 लाख रुपये  

girija thakur

अंबिकापुर। कोतवाली थाना पुलिस को कार्रवाई के दौरान कार से 50 किलोग्राम गांजा जप्त किया है, इसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देशन में पुलिस टीम के द्वारा की जा रही कार्रवाई के दौरान आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसके तलाश में पुलिस लगी है।

पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के दिए गए निर्देश के क्रम में कोतवाली पुलिस टीम ने 18 जून को मुखबिर की सूचना पर मारुती अर्टिगा वाहन क्रमांक सीजी 10 बीक्यू 7587 में 50 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कार चालक गांजा लेकर ब्रिकी करने रायगढ़ रोड से अंबिकापुर की तरफ आ रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लुचकी घाट के पास फिल्डिंग लगाई। पुलिस टीम संदिग्ध वाहन को रोकने घेराबंदी की थी। इसका संदिग्ध वाहन चालक को आभास हुआ और दूरी पर कार को छोड़कर मौके से झाड़ियों से होते फरार हो गया। पुलिस टीम संदिग्ध वाहन चालक का पीछा की लेकिन आरोपी फरार होने में सफल हो गया। पुलिस टीम को कार की तलाशी लेने पर 50 किलोग्राम अवैध गांजा मिला, इसकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन मारुती को मौक़े से बरामद कर लिया है। प्रकरण में धारा 20 (सी) एनडीपीएस एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस टीम आरोपी के पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, बस स्टैंड प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक देवनारायण सिंह, आरक्षक दीनदयाल सिंह, शिव राजवाड़े शामिल रहे।

अंबिकापुर। अंबिकापुर और लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत रजपुरीकला और मानिक प्रकाशपुर में पीरामल फाउंडेशन सरगुजा के द्वारा विश्व सिकलसेल दिवस पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम का संचालन किया गया। पीरामल टीम के द्वारा उपस्थितजनों को सिकलसेल रोग के बारे में जानकारी दी। इन्हें बताया गया कि यह एक अनुवांशिक विकार है। सिकलसेल रोग से पीड़ित लोगों में एनीमिया विकसित हो जाता है। सिकलसेल एनीमिया के कारण लाल रक्त कोशिकाएं हंसिया के आकार की हो जाती हैं। संक्रमण की संभावना भी कम हो जाती है। टीबी मुक्त पंचायत को ध्यान में रखते हुए सिकलसेल और टीबी जागरूकता कार्यक्रम का एक साथ संचालन किया गया। अन्य बीमारी के उपचार के साथ ही सिकलसेल की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से सीएचओ, आरएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू सहित ग्रामीण व पीरामल फाउंंडेशन राज्य टीम से प्रोग्राम मैनेजर सुधांशु, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवी प्रसाद पांडेय, जिला कार्यक्रम समन्वयक सरस्वती विश्वकर्मा, गांधी फेलो अनुराधा, सृष्टि, धनेश्री उपस्थित रहीं।

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